माह जून में अपर कलेक्टर में बनाई थी जांच समिति।
ढाई माह बाद भी राशन दुकान की नही हो पाई
जांच।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के गृह क्षेत्र में राशन माफिया फल-फूल रहे........ सुरेन्द्र
चौधरी
सागर / नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भैंसा की शासकीय उचित मूल्य दुकान में व्याप्त अनियमितताओं की जांच के लिए अपर कलेक्टर एवं अपर जिला दंडाधिकारी सागर द्वारा 2 जून 2026 को आदेश जारी कर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति में नायब तहसीलदार सागर को अध्यक्ष तथा सहायक आपूर्ति अधिकारी एवं राजस्व निरीक्षक को सदस्य बनाया गया था।आदेश में समिति को दो दिवस में जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।
मध्य प्रदेश शासन के पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपर कलेक्टर द्वारा जांच समिति गठित किए जाने के बावजूद आज दिनांक तक संबंधित शासकीय उचित मूल्य दुकान भैंसा की जांच नहीं की गई है।ढाई माह बाद भी जांच लंबित रहना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही के साथ ही खाद्य विभाग और राशन माफियाओं की सांठ गांठ को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के गृह क्षेत्र में राशन माफिया फल-फूल रहे हैं और गरीबों के हिस्से के राशन की बेखोफ कालाबाजारी हो रही है जो सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता हैं साथ ही गरीब परिवारों को उनके हक का राशन न मिलना और राशन की कालाबाजारी होना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।श्री चौधरी ने कहा कि राशन माफियाओं और खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की सांठ गांठ की भी निष्पक्ष जांच व दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
पूर्व मंत्री सुरेन्द्र चौधरी ने जिला प्रशासन से मांग की है कि 2 जून 2026 के आदेश का पालन न करने वाली जांच समिति पर भी कार्रवाई की जावें साथ ही जिले की अन्य शासकीय उचित मूल्य दुकानों की भी जांच कराई जाए,ताकि पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से का खाद्यान्न समय पर और पूर्ण मात्रा में मिल सके।
श्री चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई और गरीबों के राशन की कालाबाजारी पर रोक नहीं लगाई गई, तो कांग्रेस पार्टी गरीब एवं पात्र हितग्राहियों के हक की लड़ाई को लेकर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।