राघोगढ़ में श्रमण धारा प्रवचन माला
मैत्री भाव सबसे रखो मगर विश्वास सब पर मत करो मुनि श्रमण सागर जी
राघौगढ़ 9 सितंबर। धर्मनगरी राघौगढ़ में ससंघ चातुर्मास कर रहे, विद्याकुल शिरोमणि औजस्वी वक्ता, महा तपस्वी, बुंदेली महाकवि मुनि श्रमण सागर जी महाराज ने "जीवन में चार चांद कैसे लगे" इस विषय पर श्रमण धारा प्रवचन माला में मंगल प्रवचन करते हुए कहा प्रेम एवं मैत्री सबसे करो, राग किसी से मत करो, विश्वास सबसे मत करो, विश्वास कुछ पर करो। बुरा किसी का मत करो।
मुनिराज ने सबसे मैत्री भाव रखने का ताजा उदाहरण देते हुए बताया हाल ही में नेपाल में आई भीषण बाढ़ में एक कुत्ते ने मैत्री भाव एवं दया का अनूठा उदाहरण पर प्रस्तुत किया। नदी की बाढ़ में बह रहे 4 वर्ष के बालक की शर्ट मुंह में दबाकर उसे किनारे पर खींचकर उसका जीवन बचाया। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पशुओं में दया भावना होती है।आगे कहा एक पंडित जी को बिच्छू बार-बार काट रहा था पंडित जी बार-बार उसे काटने से रोक रहे थे तब एक व्यक्ति ने उनसे पूछा यह बार-बार आपको काट रहा है और आप इसे जीवन दान दे रहे हैं तब पंडित जी ने कहा बिच्छू का स्वभाव डंक मारना है और जीव दया का भाव हमारा है इसलिए हम उसकी गलती को क्षमा कर रहे हैं। आपने कहा मैत्री भाव एवं राग में अंतर है हम किसी से ज्यादा रात करेंगे तो वह राग हमारे लिए दुखदाई हो जाएगा। आचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रवचन का अंश सुनाते हुए आपने कहा पैसे से घर भव्य हो सकता है मैत्री भाव से घर सभ्य होता है। मुनिराज ने कहा किसी पर विश्वास करने से पूर्व इसका परीक्षण करना चाहिए सबसे विश्वास न कर कुछ से ही विश्वास करना चाहिए। बुरा किसी का मत करो हम आज बुरा करेंगे तो उससे कई गुना बुरा हमारा होगा। यह भी कहा किसी को भी बुरा करके शत्रु मत बनाओ। मुनि श्रमण सागर जी महाराज में कहा जीवन जीने के लिए हमें कुएं के शुद्ध पानी की आवश्यकता होती है जबकि आग बुझाने के लिए नाली का गंदा पानी भी काम आ जाता है।
धर्म सभा में भारतीय जैन मिलन के क्षेत्रीय समन्वयक विकास कुमार जैन ने जानकारी दी आगामी 13 सितंबर रविवार को प्रातः 8:15 बजे से मुनि श्रमण सागर जी एवं मुनि ओंकार सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में राघौगढ़ नगर में जैन मिलन के तत्वावधान में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में जैन समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राएं जिन्होंने कक्षा 1 से पांच तक की वार्षिक परीक्षा में 80% अंक प्राप्त किए हैं एवं कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं जिन्होंने वार्षिक परीक्षा में 75% अंक प्राप्त किए हैं। उन्हें सिंघई नेमीचंद जैन पार्मार्थिक ट्रस्ट राघौगढ़ द्वारा स्वर्गीय डॉक्टर विनोद कुमार जैन की पुण्य स्मृति में सम्मानित किया जाएगा। छात्र-छात्राओं की गत वर्ष की परीक्षा की अंक सूची 11 सितंबर तक आमंत्रित की हैं।
