कथक की पदचाप और भक्ति स्वरों से गूंजा राघौगढ़, साकार हुईं कृष्णलीला की छवियाँ
श्रीकृष्ण जी मंदिर में कथक नृत्य एवं भक्ति संगीत की प्रस्तुतियाँ
गुना
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन-दर्शन, लीलाओं और लोकमंगलकारी संदेश को कला की विविध अभिव्यक्तियों के माध्यम से जनमानस तक पहुंचाने के उद्देश्य से श्रीकृष्ण पाथेय, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा शुक्रवार को श्रीकृष्ण जी मंदिर, मेर मोहल्ला, राघौगढ़ में ‘श्रीकृष्ण पर्व’ का आयोजन किया गया। आयोजन में उज्जैन की हिना वासेन एवं साथी कलाकारों ने कृष्ण आख्यान पर आधारित कथक की मनोहारी प्रस्तुति दी, वहीं उज्जैन के नितिन अखण्ड एवं साथी कलाकारों ने भक्ति गायन से वातावरण को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।
कार्यक्रम का आरंभ हिना वासेन एवं दल द्वारा श्रीकृष्ण वंदना से हुआ। इसके बाद पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज की रचना श्रीकृष्ण नृतत थुंग थुंगा... पर कथक प्रस्तुति के माध्यम से भक्ति, आनंद और श्रृंगार के भावों को नृत्य-भंगिमाओं में अभिव्यक्त किया गया। बांसुरी की मधुर तान पर श्रीराधा रानी और गोपियों के उल्लास, चंचलता तथा वृंदावन के महारास की भावभूमि को कलाकारों ने लय, ताल और पदसंचालन से जीवंत किया। ’थुंग थुंगा’ की ध्वन्यात्मकता में नृत्य की थाप, घुंघरुओं की रुनझुन और कान्हा की नटखट गति का सुंदर आभास देखने को मिला। यह दर्शाता है कि जब श्रीकृष्ण बांसुरी बजाते हैं, तो राधा जी और सभी गोपियां आनंद और उत्साह से थिरकने लगती हैं। यह पद भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी के अलौकिक प्रेम और वृंदावन के महारास को समर्पित है।
प्रस्तुति की अगली कड़ी में पं. बिंदादिन महाराज की रचना ‘सब बन ठन आई श्याम प्यारी रे...’ प्रस्तुत हुई। इसमें श्रीराधा के रूप-सौंदर्य, श्रृंगार और कृष्ण के प्रति उनके अनन्य अनुराग को भावाभिनय के माध्यम से उकेरा गया।
कार्यक्रम को विस्तार देते हुए ‘अरज सुनो बनवारी...’ तथा होली गीत ‘रंग डालूंगी नंद के ललन पे...’ ने कृष्ण की लीलाओं में निहित प्रेम, उल्लास और लोकजीवन के रंगों को मंच पर प्रतिष्ठित किया। कथक प्रस्तुति में साक्षी धर्मदासानी, अमामिका चौहान, मंजु सेनानी, आयुषी खण्डेलवाल एवं अनामिका सिकरवार ने सहभागिता की।
इसके बाद नितिन अखण्ड ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन एवं भजन गायन की प्रस्तुति दी। ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी...’, ‘अच्युतं केशवम् रामनारायणम्...’ और ‘यशोमती मैया से बोले नंदलाला...’ जैसे भजनों के साथ भगवान शिव, श्रीराम और मीरा से जुड़े पदों ने भक्ति परंपरा की व्यापकता को स्वर दिया। उनके गायन में कीबोर्ड पर रोहित परिहार, गिटार पर अक्षय बड़ोने, पैड पर सृजन ताम्रकर, ढोल पर आदर्श राजपूत से संगत की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरविन्द धाकड़, राघोगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष श्री विजय कुमार साहू, श्री धर्मेन्द्र सिकरवार सहित कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल, संयुक्त कलेक्टर डॉ. संजीव खेमरिया, एसडीएम राघौगढ़ श्री अमित सोनी उपस्थित रहे।
