कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी और उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण रहे सुनिश्चित – कलेक्टर श्री कन्याल
गुना
मादक पदार्थों की रोकथाम और विभागीय समन्वय को मजबूत करने के लिए जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन, उप वनमंडलाधिकारी श्री नीरज निश्चल (भा.व.से.) सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के प्रारंभ में कलेक्टर ने पिछली बैठक की कार्यवाही की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिले में मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी और उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए ठोस परिणाम सुनिश्चित करें।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती वासल ने जानकारी दी कि ड्रग्स तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष तंत्र विकसित किया गया है तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक अभियान चलाया जाए। जिला शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि इस दिशा में समय-समय पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
बैठक में ड्रग इंस्पेक्टर से एविल इंजेक्शन के उपयोग को लेकर जानकारी ली गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह दवा केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मेडिकल स्टोर्स द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन की सघन जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के प्रभावी पालन, नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के नियमित निरीक्षण और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि आगामी बैठक में सभी विभाग अपनी अद्यतन कार्रवाई रिपोर्ट एवं स्पष्ट एजेंडा के साथ उपस्थित हों।
बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान, अफीम एवं भांग जैसी मादक फसलों की अवैध खेती की निगरानी, अंतर्राज्यीय प्रकरणों की जांच प्रगति, प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम तथा वैकल्पिक विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही मादक पदार्थों की पहचान हेतु आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और नशा मुक्ति केंद्रों के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। आज आयोजित बैठक में संबंधित अधिकारियों को सख्ती एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
