बमौरी थाना क्षेत्र से नाबालिग किशोरी के अपहरण और उससे दुष्कर्म के मामले में पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, आरोपी गिरफ्तार
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों पर घटित अपराधों को अत्यंत गंभीरता से लेकर इनमें त्वरित, संवेदनशील और प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में बमौरी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका के अपहरण और उससे दुष्कर्म के गंभीर मामले में सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 17 जनवरी 2026 को बमौरी थाने पर एक पिता द्वारा अपनी 15 वर्षीय नाबालिग पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 12/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश प्रारंभ की गई और जिसे गत दिनांक 24 अप्रेल 2026 को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया । दस्तयाबी के उपरांत पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी अज्जू उर्फ अजीत आदिवासी निवासी ग्राम परांठ थाना बमौरी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ गलत काम किया । इसके बाद पुलिस ने आरोपी अजीत आदिवासी के विरुद्ध प्रकरण में धारा 65(1), 64(2m)] 87 बीएनएस, 3/4(2), 5(L)/6 पॉक्सो एक्ट का इजाफा किया जाकर आरोपी की तलाश प्रारंभ की गई ।
बमौरी थाना पुलिस द्वारा आरोपी अजीत आदिवासी की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर आरोपी के संबंध में सतत सूचना संकलन किया गया, जिसके परिणाम स्वरूप मात्र 24 घंटे के भीतर ही आज दिनांक 25 अप्रेल 2026 को आरोपी के संबंध में मुखिबर से प्राप्त सटीक सूचना पर बमौरी थाना पुलिस ने तत्पर और प्रभावी कार्यवाही करते हुए प्रकरण के आरोपी अज्जू उर्फ अजीत पुत्र नन्दू आदिवासी उम्र 25 साल निवासी ग्राम परांठ थाना बमौरी जिला गुना को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया है ।
बमौरी थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया, उपनिरीक्षक बुन्देल सिंह सुनेरिया, सउनि मौकम सिंह, प्रधान आरक्षक बालस्वरूप धाकड़, आरक्षक माखन चौधरी, आरक्षक रवि गुर्जर, आरक्षक संजय जाट, आरक्षक दामोदर आदिवासी, आरक्षक गुलाब सिंह एवं आरक्षक पुष्पेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
