Type Here to Get Search Results !

सस्ती और सुविधायुक्त कॉलोनियां विकसित करें, हर परिवार का घर का सपना पूरा हो: कलेक्टर

 सस्ती और सुविधायुक्त कॉलोनियां विकसित करें, हर परिवार का घर का सपना पूरा हो: कलेक्टर

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती, वैध परियोजनाओं को मिलेगा प्रशासनिक सहयोग; सिंगल विंडो सिस्टम की तैयारी


गुना 

शहर का विकास केवल प्लॉट बेचने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसी व्यवस्थित और सुविधायुक्त कॉलोनियां विकसित हों जहां आम नागरिकों को कम लागत में घर मिल सके और बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध हों। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने गुरुवार को जिले के कॉलोनाइजरों के साथ आयोजित बैठक में यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का सपना अपना घर होने का होता है, इसलिए कॉलोनी विकास में लाभ कमाने के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी और शहर के सुनियोजित विकास को भी प्राथमिकता देनी होगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुरूप विकसित कॉलोनियों को प्रशासन का पूरा सहयोग मिलेगा, जबकि अवैध कॉलोनियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कॉलोनी नहीं, बेहतर जीवनशैली विकसित करें

कलेक्टर ने कहा कि भविष्य की कॉलोनियों में केवल सड़क, बिजली और पानी ही नहीं बल्कि दैनिक जीवन से जुड़ी सेवाओं की भी व्यवस्था होनी चाहिए। खाना बनाने, कपड़े धुलाई, साफ-सफाई, एसी एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत जैसी सेवाएं कॉलोनी स्तर पर उपलब्ध कराने के मॉडल विकसित किए जाएं, जिससे रहवासियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाने पर जोर

बैठक में कलेक्टर ने आधुनिक एवं पर्यावरण हितैषी निर्माण तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि भवनों में ऐसी तकनीकें अपनाई जा सकती हैं जिनसे तापमान नियंत्रित रहे, ऊर्जा की बचत हो और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिले। कॉलोनाइजरों से नवाचार आधारित निर्माण को बढ़ावा देने की अपील भी की गई।

वैध कॉलोनियों की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी

कलेक्टर ने कहा कि जिले में स्वीकृत एवं वैध कॉलोनियों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और वे वैध परियोजनाओं में ही निवेश या मकान खरीदने को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल अवैध कॉलोनियों की प्रवृत्ति को भी रोकने में मददगार होगी।

सिंगल विंडो सिस्टम से आसान होगी प्रक्रिया

बैठक में कॉलोनी विकास से जुड़ी अनुमतियों एवं विभागीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम विकसित करने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि इसके तहत एक नोडल अधिकारी के माध्यम से विभिन्न विभागों की प्रक्रियाओं का समन्वय किया जाएगा, जिससे कॉलोनाइजरों को अनावश्यक देरी और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

टीएनसीपी और एसडीएम ने समझाए नियम-कायदे

बैठक में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलोनी विकास की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, ले-आउट अनुमोदन, स्वीकृति संबंधी प्रावधान तथा प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2016, मध्यप्रदेश एकीकृत टाउनशिप नियम-2026 सहित अन्य संबंधित अधिनियमों की जानकारी भी साझा की गई। एसडीएम द्वारा कॉलोनाइजरों को सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के बाद ही विकास कार्य शुरू करने की सलाह दी गई। साथ ही अवैध कॉलोनियों के दुष्परिणाम एवं संभावित कानूनी कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी दी गई।

सुझाव भी लिए, शंकाओं का भी हुआ समाधान

बैठक के दौरान विभिन्न कॉलोनाइजरों ने अपने सुझाव रखे तथा कॉलोनी विकास से जुड़े व्यावहारिक प्रश्नों और शंकाओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों द्वारा सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देकर उनका समाधान किया गया।

बैठक में एसडीएम श्रीमति शिवानी पाण्‍डेय, डिप्‍टी कलेक्‍टर सुश्री मंजुषा खत्री, परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण श्री संजय श्रीवास्‍तव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं कॉलोनाइजर उपस्थित रहे।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.