खरगोन - आत्मा परियोजना अंतर्गत कृषि विज्ञान केन्द्र खरगोन में
सोमवार को विकासखण्ड झिरन्या, सेगांव तथा गोगांवा के प्राकृतिक खेती के पंजीकृत
कृषकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि वैज्ञानिक डॉ. जेएस कुलमी ने बताया कि प्राकृतिक संसाधनों के
उपयोग से खेती करके किसान अपनी लागत को कम कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
कृषि वैज्ञानिक डॉ आरके सिंग ने किसानों को प्राकृतिक खेती के अंग बीजामृत व
जीवामृत आच्छादन बनाने, अंतरवर्ती फसल पद्धति अपनाने संबंधी जानकारी दी। साथ ही
उन्होंने बताया कि रोग कीट प्रबंधन के लिए किसानों को पांच सस्ती पत्ती
काड़ा दशवर्णी अर्क, अमृत पानी, निमास्त्र, ब्रम्हास्त्र, अग्नि अस्त्र की सुरक्षा के लिए
कीटनाशक बनाने का प्रशिक्षण दिया।
किसानों को प्राकृतिक कृषि के फिल्ड में लगी फसलें कपास
प्लस सोयाबीन, अतंरवर्तीय फसल प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी।
किसानों को जीवामृत का प्रयोग कर बताया गया।
कार्यक्रम में आत्मा परियोजना झिरन्या, सेगांव और गोगांवा के 150 कृषक उपस्थित रहे।

