वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे पर DEIC गुना में जागरूकता कार्यक्रम
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर के मार्गदर्शन में जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र गुना में वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे के अवसर पर बच्चों के माता-पिता के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (बच्चों में मानसिक व व्यावहारिक विकास से जुड़ी अवस्था) के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि समय पर पहचान एवं शीघ्र हस्तक्षेप से बच्चों के विकास में सकारात्मक सुधार संभव है। श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव स्पेशल एजुकेटर द्वारा अभिभावकों को ऑटिज्म के प्रमुख लक्षणों जैसे आंखों से संपर्क में कमी, बोलने में देरी, सामाजिक सहभागिता में रुचि न लेना एवं एक ही व्यवहार को बार-बार दोहराने के बारे में अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि छोटे बच्चों में मोबाइल का अधिक प्रयोग भाषा विकास, ध्यान क्षमता एवं सामाजिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। अभिभावकों को बच्चों के मोबाइल उपयोग को सीमित रखने तथा उनके साथ संवाद एवं खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने की सलाह दी गई।
जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक श्रीमती विनीता सोनी द्वारा साथ ही यह जानकारी दी गई कि वर्तमान में जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (DEIC), गुना में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम विकार से संबंधित स्पीच थैरेपी, बिहेवियरल थैरेपी सहित अन्य आवश्यक सेवाएं पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध हैं। वर्तमान में इस तरह के प्रतिदिन 8 से 10 बच्चे थैरपी से लाभान्वित हो रहे है। कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया एवं शीघ्र उपचार हेतु प्रेरित किया गया।
