संपूर्ण जिले में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तार यंत्रों का सार्वजनिक उपयोग पूर्णतः रहेगा प्रतिबंधित
कलेक्टर श्री कन्याल ने जारी किया आदेश, 23 अगस्त तक रहेगा प्रभावी
गुना
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री किशोर कुमार कन्याल द्वारा जिले में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण, कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा आम नागरिकों के स्वास्थ्य एवं सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग संबंधी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से 24 जून 2026 से लागू होकर 23 अगस्त 2026 तक प्रभावशील रहेगा।
जारी आदेशानुसार पुलिस अधीक्षक गुना द्वारा ध्वनि प्रदूषण की बढ़ती घटनाओं तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने की आवश्यकता को देखते आदेश जारी किया गया हैं। कलेक्टर श्री कन्याल द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम 2000 के तहत विभिन्न प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये गये हैं।
1. संपूर्ण जिले में रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 6:00 बजे तक लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तार यंत्रों का सार्वजनिक उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
2. डी.जे. (DJ) का उपयोग किसी भी समय चलित रूप से नहीं होगा। इसके अतिरिक्त शहर के सड़कों, चौराहों, सार्वजनिक मार्गों में डीजे को किसी एक स्थान पर स्थाई /अस्थाई रूप से स्थापित कर उपयोग किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।
3. डीजे (DJ) का उपयोग केवल विधिवत् अनुमत मैरिज गार्डन अथवा आवृत परिसर (Covered Campus) के भीतर ही निर्धारित डेसीबल क्षमता में निर्धारित समयावधि (रात्रि 10 बजे तक) में ही किया जा सकेगा।
4. किसी भी गली, मोहल्ला, चौराहे, रास्ते आदि सार्वजनिक स्थलों पर स्थिर (Static) रूप से लाउडस्पीकर/ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किसी भी समय नहीं किया जायेगा।
5. यह प्रतिबंध विवाह समारोह, जुलूस, शोभायात्रा, त्यौहार सहित समस्त आयोजनों पर लागू रहेगा।
6. आदेश का उल्लंघन पाए जाने की स्थिति में संबंधित डीजे सिस्टम, ध्वनि विस्तारक यंत्र, जनरेटर एवं उपयोग में लाया गया वाहन तत्काल जब्त किया जाकर आवश्यक कानूनी एवं वैधानिक कार्यवाही की जाएगी एवं आवश्यकतानुसार कार्यक्रम स्थल को विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत सील (Seal) किया जा सकेगा।
7. मोटरयान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के विपरीत संशोधित पाए जाने वाले डीजे वाहनों के विरुद्ध पुलिस विभाग एवं परिवहन विभाग द्वारा पृथक से वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
8. किसी भी उल्लंघन की स्थिति में कार्यक्रम आयोजक, स्थल स्वामी एवं डीजे संचालक संयुक्त रूप से उत्तरदायी होंगे।
9. प्रतिबंध अवधि में डीजे हेतु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति/संस्था के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्यवाही की जाएगी।
10. मैरिज गार्डन संचालक एवं डीजे संचालक द्वारा डीजे की ध्वनि तीव्रता की स्वःपरीक्षण हेतु मान्यता प्राप्त/उपलब्ध ध्वनि मापन अनुप्रयोग (Sound Decibel Meter App) अथवा अन्य ध्वनि मापन यंत्र के माध्यम से ध्वनि स्तर की जांच की जा सकेगी, जिससे निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
11. पुनरावृत्ति (Repeat Offence) की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी तथा मैरिज गार्डन संचालक की अनुमति निरस्त की जा सकेगी।
डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग केवल शासन द्वारा निर्धारित ध्वनि मानकों के अनुरूप ही किया जा सकेगा। औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 एवं रात्रि में 70 डेसीबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में 65 एवं 55 डेसीबल, आवासीय क्षेत्र में 55 एवं 45 डेसीबल तथा शांत क्षेत्र में 50 एवं 40 डेसीबल की सीमा निर्धारित है। निर्धारित सीमा से अधिक ध्वनि स्तर पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री कन्याल ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से दिनांक 24 जून 2026 से प्रभावी होगा और आगामी दिनांक 23 अगस्त 2026 तक लागू रहेगा।
