दिव्यांगजनों एवं श्रमिकों को योजनाओं का समयबद्ध लाभ दिलाना सुनिश्चित करें : कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न
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कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग तथा श्रम विभाग की योजनाओं की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेंशन योजनाओं, दिव्यांगजन कल्याण, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, स्पर्श एवं यूडीआईडी पोर्टल, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, श्रमिक पंजीयन, बाल एवं बंधुआ श्रम, सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराया जाए।
दिव्यांगजनों के सहायक उपकरणों की मरम्मत के लिए शिविर लगाने के निर्देश
बैठक में कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि एलिम्को के माध्यम से दिव्यांगजनों को वितरित सहायक उपकरणों की मरम्मत के लिए प्रत्येक माह विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य में प्रशिक्षित दिव्यांगजनों की सेवाएं ली जाएं, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकें। उन्होंने जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
20 नवंबर को होगा मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह सम्मेलन
बैठक में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना की समीक्षा करते हुए बताया गया कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमानुसार आगामी 20 नवम्बर 2026 (देवउठनी ग्यारस) को सामूहिक विवाह/निकाह सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। अधिकारियों ने योजना की पात्रता एवं लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र हितग्राही जोड़ों को प्रति जोड़ा 55 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें वधू को 49 हजार रुपये तथा आयोजन व्यवस्था हेतु 6 हजार रुपये की राशि निर्धारित है। कलेक्टर ने सभी पात्र हितग्राहियों का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
11 हजार से अधिक दिव्यांगजन विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित
प्रभारी उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग श्री रिशु कुमार सुमन ने बताया कि जिले में कुल 11,382 दिव्यांगजन चिन्हित हैं। स्पर्श पोर्टल के माध्यम से पेंशन, सहायक उपकरण, खाद्यान्न, आवास एवं शिक्षा सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है। यूडीआईडी पोर्टल के माध्यम से अब तक 15,100 दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। बैठक में राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना, एलिम्को द्वारा आयोजित सहायक उपकरण चिन्हांकन शिविर, वृद्धाश्रम संचालन, जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र एवं नशा मुक्ति अभियान की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के 50 एवं 100 दिवस से अधिक लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बाल श्रम कराने वालों के विरुद्ध चलाएं विशेष अभियान
श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, श्रमिक पंजीयन, बाल एवं बंधुआ श्रम उन्मूलन तथा सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने श्रम निरीक्षक श्री ब्रिजेन्द्र सिंह को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जाए तथा बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्थान विद्यालय है, कार्यस्थल नहीं।
संबल योजना के लंबित प्रकरणों का शीघ्र करें निराकरण
बैठक में मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के अंतर्गत लंबित प्रकरणों एवं पंजीयन आवेदनों की निकायवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि योजना के विभिन्न श्रेणियों के लंबित प्रकरणों तथा अनुग्रह सहायता आवेदनों के निराकरण की कार्रवाई जारी है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर पात्र श्रमिकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना तथा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की प्रगति की समीक्षा करते हुए भी उन्होंने अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा एवं श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाएं शासन की महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल हैं। सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा लंबित प्रकरणों का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर करें।
