डाॅ. विपिन विहारी शर्मा हुए सेवा निवृत्त
एक शिक्षक का ईश्वर से मिलने का रास्ता विद्यालय के बच्चों से होकर जाता है - डॉ. विपिन विहारी शर्मा
समारोह पूर्वक मनाया गया डाॅ विपिन विहारी शर्मा का सेवानिवृत्ति दिवस।
राघौगढ़ ।30 जून 2026 को अपनी अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए डाॅ विपिन विहारी शर्मा वैसे तो किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। डाॅ शर्मा ने शिक्षा के क्षेत्र में राघौगढ़ का नाम राज्य स्तर तक प्रकाशित किया है। वे न केवल एक समर्पित शिक्षक थे अपितु रा से यो के कुशल कार्यक्रम अधिकारी, जूनियर रेड क्रॉस के सक्रिय काउंसलर, स्काउट गाइड के निष्ठावान मार्गदर्शक एवं बढ़िया खेल प्रभारी रहे। एक प्रशिक्षक के रूप में राज्य स्तर तक शिक्षक प्रशिक्षण एवं निर्वाचन प्रशिक्षण में सन 1998 से सन 2024 तक निरन्तर सेवाएँ देते हुए अनेक पुरुस्कार अर्जित किए। वे राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल में पाठ्यपुस्तक लेखन एवं संशोधन में भी सहभागी रहे। विद्यार्थियों से निरन्तर आत्मीय संपर्क बनाए रखने के चलते वे विद्यार्थीयों में सर्वाधिक पसंद किए जाने वाले शिक्षक बने रहे। विद्यालय के प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए इन्होंने विद्यालय के सर्वांगीण विकास में अपना महती योगदान किया। डाॅ. शर्मा एक उच्चकोटि के साहित्यकार भी हैं। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन पर कविता पाठ करने के अतिरिक्त इन्होंने कई पुस्तकों की समीक्षाएँ भी लिखी हैं। पत्र मीडिया एवं पत्रकारों से भी वे सदैव संपर्क बनाए रख कर विद्यालय में होने वाली समस्त गतिविधियों का अवलोकन कराते रहे हैं।
उनका सेवानिवृत्ति समारोह 30 जून को उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राघौगढ़ परिवार ने धूम धाम से मनाया एवं 3 जुलाई 2026 को उनके परिवारजनों ने होटल सूर्यांश में वृहद स्तर पर मनाया। उपस्थित सभी ने उनकी बहुमुखी प्रतिभा एवं शैक्षणिक, सामाजिक, धार्मिक एवं राष्ट्रीय क्षेत्रों में दिए गए योग दान की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन आनंद स्वरूप श्रीवास्तव ने एवं ललित वास्त्री ने किया। आभार ज्ञापन उनके पुत्र हिमांशु शर्मा, पुत्री हिमाद्रि शर्मा एवं पुत्र वधु सी ए गीतांजलि शर्मा ने किया।
