वर्षा ऋतु में नदी, नहर, तालाब एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में आमजन के प्रवेश पर प्रतिबंध
जन-जीवन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश
गुना,
वर्षा ऋतु के दौरान जिले में नदियों, नहरों, बांधों, तालाबों, जलाशयों, जलप्रपातों एवं अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहे जलस्तर तथा संभावित दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री किशोर कुमार कन्याल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार जिला गुना की राजस्व सीमा के अंतर्गत आने वाले सभी नदी, नहर, बांध, तालाब, जलाशय, जलप्रपात तथा अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास ऐसे स्थान, जहां आमजन के आवागमन अथवा जल में प्रवेश से जन-धन की हानि की संभावना हो, वहां आमजन का जल में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि वर्षा ऋतु के दौरान लगातार वर्षा होने से जलस्तर में वृद्धि हो रही है तथा आगामी दिनों में भी भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। पूर्व वर्षों में भी अतिवृष्टि के कारण जिले में बाढ़ एवं आपदा जैसी परिस्थितियां निर्मित हो चुकी हैं। ऐसे में जलभराव वाले क्षेत्रों में फिसलन एवं अन्य जोखिमों के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जन-जीवन की सुरक्षा एवं संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।
कलेक्टर श्री कन्याल ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश आपदा प्रबंधन कार्यों में संलग्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रतिबंधित स्थलों पर जाने से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223, आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 तथा अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
यह आदेश तत्काल प्रभाव से 16 जुलाई 2026 से लागू हो गया है तथा वर्षा ऋतु समाप्त होने अथवा आदेश वापस लिए जाने तक प्रभावशील रहेगा।
