कोचिंग संस्थानों में छात्र सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : कलेक्टर श्री कन्याल
पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे कैमरे, इंस्टालेशन एवं मरम्मत कार्य पुलिस करेगी
गुना
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल द्वारा शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिले के समस्त कोचिंग संचालकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन सहित विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्र सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा तथा अनिवार्य सुरक्षा मानकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा।
पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे सीसीटीवी कैमरे
बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने सभी कोचिंग संस्थानों में न्यूनतम दो सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ये कैमरे पुलिस कंट्रोल रूम से सीधे कनेक्ट रहेंगे। संचालकों को केवल कैमरे खरीदने होंगे, जबकि पुलिस विभाग द्वारा उनके इंस्टॉलेशन एवं मरम्मत की व्यवस्था की जाएगी।
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि कोचिंग में अध्ययनरत विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीसीटीवी कैमरों से गतिविधियों की निगरानी संभव होगी तथा किसी भी आपराधिक प्रकरण की विवेचना में पुलिस को सहायता मिलेगी। उन्होंने सभी संचालकों को 15 दिवस के भीतर कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए तथा चेतावनी दी कि इसके बाद अभियान चलाकर नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कोचिंग संचालकों का व्हाट्सएप समूह बनाकर पुलिस द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
अग्नि एवं आपदा सुरक्षा मानकों की विस्तृत जानकारी
अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन ने दिल्ली के कोचिंग बेसमेंट हादसे एवं लखनऊ की अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी से होने वाली जनहानि के प्रति आगाह किया। उन्होंने निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी दी, जिनमें कम से कम दो आपातकालीन निकास, खुले एवं अवरोध रहित निकास द्वार, Exit Sign, बाहर की ओर खुलने वाले दरवाजे, पर्याप्त चौड़ाई वाली सीढ़ियां, फायर एक्सटिंग्विशर, पानी एवं रेत की व्यवस्था, स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म, सुरक्षित विद्युत वायरिंग, कार्यशील एमसीबी, ज्वलनशील सामग्री का सुरक्षित भंडारण, स्टाफ प्रशिक्षण, असेंबली प्वाइंट, वैध फायर एनओसी, स्वीकृत भवन नक्शा तथा प्राथमिक उपचार बॉक्स जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
सात दिवस में अनुपालन के निर्देश
बैठक में बेसमेंट में कक्षाएं संचालित किए जाने, आपातकालीन नंबरों के प्रदर्शन तथा सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। प्रशासन ने सभी कोचिंग संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं 7 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री कन्याल ने सख्त निर्देश देते हुए कहा, विद्यार्थियों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित समयसीमा के बाद अभियान चलाकर निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
