Type Here to Get Search Results !

संदीपनी विद्यालय में ‘सृजन कार्यक्रम’ का आयोजन, शिक्षा, संस्कार, कानून एवं सड़क सुरक्षा का मिला समग्र संदेश

 संदीपनी विद्यालय में ‘सृजन कार्यक्रम’ का आयोजन, शिक्षा, संस्कार, कानून एवं सड़क सुरक्षा का मिला समग्र संदेश


*गुना पुलिस एवं शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल, अधिकारियों ने विद्यार्थियों से किया प्रेरक संवाद*



               मध्यप्रदेश शासन की मंशानुसार गुना कलेक्टर श्री किशोर कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में गुना के संदीपनी शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आज ‘सृजन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरवय विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार, कानून, व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल संरक्षण एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक कर उन्हें जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था । कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 100 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की । कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन, रक्षित निरीक्षक श्रीमती पूजा उपाध्याय, यातायात प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह, उप निरीक्षक ज्योति राजपूत, उप निरीक्षक चंचल तिवारी आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे ।


               कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य श्री आशीष टांटिया के प्रेरणादायी उद्बोधन से हुआ । उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किशोरवय विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करना शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है । जानकारी एवं उचित मार्गदर्शन के अभाव में कई बार बच्चे भय, भ्रम अथवा गलत संगति का शिकार हो जाते हैं । ऐसे समय में बच्चों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं संरक्षण संबंधी कानूनों की जानकारी देना अत्यंत आवश्यक है । उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार अपनाने तथा एक जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त पहल ‘सृजन कार्यक्रम’ विद्यार्थियों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है ।


               इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान और उनके मार्गदर्शन का पालन करना अत्यंत आवश्यक है । उन्होंने भारतीय संस्कृति में गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु ही जीवन में सही और गलत का अंतर समझाकर उचित मार्ग दिखाते हैं । उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि “दूसरों के साथ वैसा व्यवहार कभी न करें, जैसा व्यवहार आप स्वयं अपने साथ नहीं चाहते ।” साथ ही कानून का सम्मान करने, अनुशासित जीवन जीने तथा किसी भी गलत गतिविधि से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में की गई एक छोटी-सी गलती भी भविष्य, शिक्षा एवं करियर को प्रभावित कर सकती है । इसलिए प्रत्येक निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए । उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने, ज्ञान एवं कौशल अर्जित करने तथा अपने परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया ।


               कार्यक्रम में यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक अजय प्रताप सिंह ने सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों पर विस्तार से जानकारी दी । उन्होंने हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, ओवरस्पीडिंग से बचने तथा नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने के संबंध में विद्यार्थियों को जागरूक किया । उन्होंने विशेष रूप से BIS प्रमाणित हेलमेट के उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि प्रमाणित हेलमेट ही दुर्घटना की स्थिति में सिर की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करता है ।


               उन्होंने विद्यार्थियों को राहवीर योजना एवं पीएम कैशलेस उपचार योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले नागरिक को शासन द्वारा 25,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है । वहीं दुर्घटना में घायल व्यक्ति को निर्धारित अस्पतालों में 1.5 लाख तक का निःशुल्क एवं कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है । उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार एवं समाज को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की ।


               इसके पश्चात उपनिरीक्षक चंचल तिवारी एवं उपनिरीक्षक ज्योति राजपूत ने विद्यार्थियों को POCSO Act एवं Juvenile Justice (JJ) Act के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी । उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनी प्रावधानों, अच्छे एवं बुरे स्पर्श की पहचान तथा किसी भी अनुचित या असहज स्थिति में बिना भय एवं संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा पुलिस को तत्काल जानकारी देने के लिए प्रेरित किया ।


               संपूर्ण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन, कानूनी जागरूकता, बाल संरक्षण, व्यक्तिगत सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया तथा उन्हें जागरूक, आत्मविश्वासी, संवेदनशील एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया ।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.