जिले में औसतन 35 प्रतिशत लोकेशन पर ही मूल्यवृद्धि प्रस्तावित,31 मार्च से पहले रजिस्ट्री कराने से कम शुल्क का मिलेगा लाभ
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति गुना के सदस्यों की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गुना जिले की भूमि, मकान जैसी अचल संपत्तियों के बाजार मूल्य निर्धारण हेतु समिति के सदस्यों के मध्य दिनांक 17 मार्च 2026 को अनुमोदित प्रस्ताव पर आम जनता से सुझाव आमंत्रण हेतु दी गई समयावधि के उपरांत पुनः प्रस्ताव चर्चा, विश्लेषण एवं अनुमोदन हेतु पटल पर रखी गई।
जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में जिला पंचायत गुना, वन विभाग, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश विभाग, महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं विकास केन्द्र, सी. एम.ओ. नगरपालिका गुना, अधीक्षक भू-अभिलेख, लोक निर्माण अधिकारी, सम्पदा अधिकारी म.प्र. गृहनिर्माण एवं अधोसरंचना विकास मण्डल के सक्षम अधिकारी एवं कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग उपस्थित रहे।
जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में गुना जिले के विभिन्न उप-जिला मूल्यांकन समितियों यथा गुना, आरोन, राघौगढ़ एवं चांचौड़ा से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई और तदोपरांत सर्वसम्मति से प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया।
श्री गोवर्धन प्रसाद, जिला पंजीयक गुना एवं संयोजक जिला मूल्यांकन समिति द्वारा बताया गया कि गाइडलाइन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये अचल सम्पत्ति की कीमतों में औसत रूप से 10.29 प्रतिशत की मूल्यवृद्धि प्रस्तावित की गई है। जिले की लगभग 40 प्रतिशत लोकेशन पर मूल्यवृद्धि प्रस्तावित है, जिनमें मुख्य रूप से शहरी क्षेत्र के लोकेशन शामिल है। जिले में पॉलिगोन एवं विद्यमान दरों में विसंगति सुधार तथा वास्तविक प्रचलित बाजार मूल्य को दृष्टिगत रखते हुये 100 प्रतिशत से अधिक मूल्यवृद्धि प्रस्तावित की गई है, जिसमें सर्वाधिक आरोन की तथा 3 गुना की एवं 1-1 लोकेशन चांचौडा और राघौगढ़ की शामिल है। प्रस्ताव में जिले की परिसीमा से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राजकीय राजमार्गों पर विशेष फोकस करते हुये विद्यमान दरों में विसंगति सुधार एवं नवीन लोकेशन खोले जाकर दरें प्रस्तावित की गई है।
जिला मूल्यांकन समिति गुना की बैठक में आगामी गाइडलाईन वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिये प्रस्तावित एवं अनुमोदित दरों पर आम जनता की ओर से प्राप्त सुझाव को संज्ञान में लेते हुये प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया।
समिति संयोजक श्री गोवर्धन प्रसाद द्वारा बताया गया कि जिले का अनुमोदित प्रस्ताव तैयार किया जाकर अंतिम अनुमोदन हेतु केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड भोपाल को प्रेषित किया जायेगा। अंतिम अनुमोदन उपरांत प्रस्तावित गाइडलाइन 01 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होगी।
इसके साथ ही जिला पंजीयक द्वारा जिले के संभावित हितग्राही पक्षकारों को अवगत कराया गया कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले की अचल सम्पत्ति की दरों में संभावित वृद्धि से स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन फीस के अतिरिक्त भार से बचने के लिये आमजन मार्च 2026 तक रजिस्ट्री करा बचत का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
