सफलता की कहानी
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से 6 बच्चों को जीवनदान
गुना,
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर, के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत जिले के हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को निःशुल्क एवं उन्नत उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी पहल की गई है।
दिनांक 22 मार्च को संदिग्ध हृदय रोग से ग्रसित बच्चों को अरविंदो मेडिकल कॉलेज से बस द्वारा शिवपुरी रोटरी कैंप ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सभी बच्चों की इको जांच की गई।
जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक श्रीमती विनीता सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच उपरांत 2 बच्चे पूर्णतः सामान्य पाए गए, 8 बच्चों को मेडिकल मैनेजमेंट पर रखा गया, 1 बच्चे को उच्च स्तरीय उपचार हेतु मुंबई के हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि 6 बच्चों में हृदय शल्य चिकित्सा की आवश्यकता पाई गई। इन 6 बच्चों की हृदय सर्जरी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क कराई जावेगी। इसके लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर बच्चों को अरविंदो मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन हेतु भेजा जाएगा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत कार्यरत टीम द्वारा बच्चों का समय पर चिन्हांकन किया जा रहा है, जिससे बिना किसी विलंब के पात्र बच्चों को त्वरित रूप से निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो पा रहा है। यह समयबद्ध चिन्हांकन बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कैंप के दौरान बच्चों एवं उनके अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिले से DEIC के ऑडियोलॉजिस्ट दीपचंद सैनी तथा अनुष्का फाउंडेशन के प्रतिनिधि मुरारी दांगी को बच्चों के साथ विशेष सहयोग हेतु शिवपुरी भेजा गया। यह पहल न केवल बच्चों को नया जीवन देने का कार्य है, बल्कि यह जिले में संवेदनशील प्रशासन, सशक्त स्वास्थ्य तंत्र और सामाजिक दायित्व का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।
