सफलता की कहानी
“मेहनत की चाबी से खोला सफलता का दरवाज़ा – रेलवे में चयनित ग्रामीण युवा”
गुना
ग्रामीण क्षेत्र के दो युवाओं ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। अजय कुमार साहू, ग्राम गहोरा तहसील ईसागढ़, जिला अशोकनगर के निवासी, एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता श्री जमुनालाल साहू एक छोटे किसान हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अजय ने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया। उन्होंने शासकीय आईटीआई गुना से फिटर ट्रेड में प्रशिक्षण लिया और लगातार मेहनत करते हुए आज रेलवे के बिलासपुर जोन में सहायक लोको पायलट के पद पर चयनित होकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया।
वहीं दूसरी ओर, राधे मोहन धाकड़, ग्राम बालाभेंट तहसील राघौगढ़, जिला गुना के निवासी, भी एक सामान्य परिवार से हैं। उनके पिता श्री ध्रुव सिंह धाकड़ छोटे किसान हैं और उनकी माता आंगनवाड़ी में बच्चों के लिए भोजन बनाती हैं। आर्थिक चुनौतियों के बीच राधे मोहन ने भी हार नहीं मानी। उन्होंने शासकीय आईटीआई गुना से फिटर ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त किया और अपनी लगन और समर्पण के बल पर रेलवे के बिलासपुर जोन में सहायक लोको पायलट के पद पर चयनित होकर एक मिसाल कायम की।
