*पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के सशक्त एवं संवेदनशील नेतृत्व में अपहृत नाबालिगों की दस्तयाबी में गुना पुलिस की लगातार कार्यवाही*
गुना पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी के सशक्त, संवेदनशील एवं मानवीय नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी हेतु अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मान सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में फतेहगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अभिषेक तिवारी और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से नाबालिग बालक की गुमशुदगी के मामले में सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए बालक को ग्वालियर जिले से सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिवार से मिला दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 03 मार्च 2026 की सुबह फतेहगढ थाना क्षेत्र से 14 वर्षीय एक नाबालिग बालक के लापता होने पर दिनांक 03 मार्च 2026 को ही बालक के पिता द्वारा फतेहगढ़ पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 38/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालक की तलाश प्रारंभ की गई ।
पुलिस अधीक्षक श्री अंकित सोनी द्वरा नाबालिगों से संबंधित मामलों में शीघ्र, संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टिकोण से कार्यवाही किए जाने के निर्देशों के पालन में पुलिस द्वारा बालक की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु मुखबिर तंत्र सक्रिय करते हुए तथा विभिन्न तकनीकी संसाधनों का उपयोग सभी संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन की गई । संकलित सूचनाओं के आधार पर बालक के ग्वालियर जिले में होने की जानकारी प्राप्त होने पर फतेहगढ थाने से पुलिस की एक टीम ग्वालियर पहुंची और आज दिनांक 11 मार्च 2026 को बालक को ग्वालियर से सुरक्षित दस्तयाब कर गुना लेकर आए एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
फतेहगढ थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक अभिषेक तिवारी, सउनि दिलीप रघुवंशी, प्रधान आरक्षक सरनाम सिंह, आरक्षक हरिओम परमार, आरक्षक कांजराज बारेला, आरक्षक कुलदीप, आरक्षक दिव्यांश भार्गव, आरक्षक बृजमोहन, आरक्षक बृजेन्द्र कुशवाह, महिला आरक्षक क्रांति रघुवंशी, महिला आरक्षक धनकुंवर एवं सायबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव व आरक्षक भूपेन्द्र खटीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
