Guna
कुलगुरु डॉ. किशन यादव की अध्यक्षता में आज विश्वविद्यालय से संबद्ध गुना, शिवपुरी एवं अशोकनगर जिलों के अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय और संबद्ध संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना और शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था।
बैठक को संबोधित करते हुए कुलसचिव ने सभी प्राचार्यों से आत्मीयतापूर्ण संवाद किया। उन्होंने कहा कि "सभी निजी महाविद्यालय विश्वविद्यालय को अपना परिवार समझें।" उन्होंने कॉलेज संचालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का आश्वासन देते हुए विश्वविद्यालय के विजन एवं मिशन पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, उन्होंने भविष्य की कार्ययोजनाओं पर प्रकाश डालते हुए एक सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु ने विश्वविद्यालय को नई दिशा और गति प्रदान करने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षण व्यवस्था में गुणवत्ता (Quality of Education) से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने सभी प्राचार्यों से अपील की कि वे विश्वविद्यालय के विकास और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।
बैठक में तीनों जिलों के अशासकीय महाविद्यालयों के प्रतिनिधि और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
