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आपातकालीन सेवा की मिसाल बना जिला चिकित्सालय गुना

 


गुना 

कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्‍वर के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य अमले द्वारा त्वरित एवं कार्रवाई करते हुए एक गंभीर रूप से बीमार प्रसूता की जान सफलतापूर्वक बचाई गई। जिला चिकित्सालय, गुना में डॉक्टरों की तत्परता, कुशल निर्णय क्षमता एवं आईसीयू टीम की सतत निगरानी से यह जीवनरक्षक उपचार संभव हो सका।

प्राप्त जानकारी के अनुसार संध्या सेन (उम्र 21 वर्ष), पति नरेश सेन, को प्रसव पीड़ा की अवस्था में जिला चिकित्सालय के डिलीवरी रूम में लाया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि गर्भस्थ शिशु की गर्भ में ही मृत्यु (IUD) हो चुकी थी, जिसके कारण शरीर में गंभीर संक्रमण (सेप्सिस) तेजी से फैल गया और मरीज की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई। अस्पताल पहुंचने के समय मरीज का ऑक्सीजन स्तर मात्र 50 प्रतिशत था तथा वह अचेत अवस्था में थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तत्काल निर्णय लेते हुए मरीज को आईसीयू में भर्ती किया एवं वेंटिलेटर सपोर्ट प्रदान किया।

डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं आईसीयू टीम की निरंतर निगरानी, सघन उपचार और अथक प्रयासों से मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। वर्तमान में मरीज की हालत स्थिर है एवं शीघ्र ही अस्पताल से छुट्टी दिए जाने की योजना बनाई जा रही है। यह घटना जिला चिकित्सालय गुना की सुदृढ़ आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सकों की संवेदनशीलता एवं स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आमजन के लिए भरोसे का केंद्र बनती जा रही है।

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