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सफलता की कहानी: अंशिका के कदमों में लौटी मुस्कान

 


गुना 

कुंभराज तहसील के छोटे से गाँव बदरवा में एक किसान परिवार रहता है। पत्नी के स्वर्गवास के बाद उन्होंने बेटे की शादी कर दी। समय के साथ पोते-पोती के साथ खेलने का सपना साकार हुआ और चार वर्ष बाद जिला चिकित्सालय में अंशिका का जन्म हुआ। पिता सर्जन गुर्जर एवं दादा अत्यंत प्रसन्न थे, किंतु जन्म के समय नवजात के दोनों पैर मुड़े हुए देखकर परिजन घबरा गए।

डिलीवरी प्वाइंट की चिकित्सकीय टीम ने परिजनों को आश्वस्त किया कि यह चिंता का विषय नहीं है, अब इसका उपचार संभव है, तथा बच्ची को जिला शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र (DEIC) रेफर किया गया। परिजन तत्काल DEIC पहुँचे, जहाँ प्रबंधक विनीता सोनी द्वारा उनकी सभी शंकाओं एवं चिंताओं का धैर्यपूर्वक समाधान किया गया।

कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्‍वर के मार्गदर्शन में, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से जिला चिकित्सालय में संचालित क्लब-फुट क्लिनिक में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरेंद्र धाकड़ द्वारा बालिका की 6 कास्टिंग की गई। इसके उपरांत टेनोटॉमी सर्जरी की गई तथा नियमित मासिक फॉलो-अप किया गया।

आज अंशिका की माँ की खुशी का ठिकाना नहीं है। वह भावुक होकर बताती हैं कि जब लोग नकारात्मक बातें कहते थे, तो वह बहुत दुखी होती थीं, परंतु आज उनकी बेटी के पैर पूरी तरह ठीक हैं। उन्होंने शासकीय योजना RBSK से जुड़े समस्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

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