*ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुना पुलिस की लगातार कार्यवाही*
म्याना थाना क्षेत्र से लापता नाबालिग बालिका को पुलिस ने मात्र 15 घंटे में सुरक्षित दस्तयाब कर, परिजनों से मिलाया
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल निर्देशन में गुना पुलिस द्वारा जिले में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालिका-बालिकाओं की शीघ्र दस्तयाबी हेतु अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मान सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में म्याना थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले में सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए मात्र 15 घंटे के भीतर ही बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर उसके परिवार से मिला दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 15 अप्रैल 2026 को म्याना थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के लापता होने पर दिनांक 17 अप्रैल 2026 को बालिका की मां द्वारा म्याना थाने पर उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 84/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश प्रारंभ की गई ।
म्याना थाना पुलिस द्वारा उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए अपहृत बालिका की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु मुखबिर तंत्र सक्रिय करते हुए तथा विभिन्न तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर सभी संभावित जगहों पर बालिका को खोजने के सघन प्रयास किए गए । जिसके परिणाम स्वरुप महज 15 घंटे के भीतर दिनांक 17 अप्रैल 2026 की रात को ही बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
म्याना थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया, ऊमरी चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रचना खत्री, प्रधान आरक्षक ओमकांत खटीक, प्रधान आरक्षक अतुल शर्मा, आरक्षक रामकृष्ण जाटव, आरक्षक रंजीत रमन, आरक्षक सुनील यादव, महिला आरक्षक दीपशिखा लोधी व महिला आरक्षक पूनम रघुवंशी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
