*ऑपरेशन मुस्कान के तहत नाबालिगों के अपहृत/गुम होने के मामलों में गुना पुलिस की सतत कार्यवाही*
केंट थाना पुलिस ने अपहृत नाबालिग बालिका को मात्र 24 घंटे के भीतर सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा
गुना पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण एवं गुमशुदगी से संबंधित प्रकरणों को अत्यंत गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिनकी शीघ्र दस्तयाबी हेतु निरंतर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में केंट थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव और उनकी टीम द्वारा थाना क्षेत्र से एक नाबालिग बालिका के लापता होने के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर ही बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया है ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 05 अप्रेल 2026 की मध्यरात्रि केंट थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय एक नाबालिग बालिका के लापता होने पर दिनांक 06 अप्रैल 2026 को बालिका के पिता द्वारा उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट केंट थाने में दर्ज कराई गई थी । जिस पर से पुलिस ने अपराध क्रमांक 217/26 धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण प्रजीबद्ध कर बालिका की तलाश प्रारंभ की गई ।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती वासल द्वारा जिले में नाबालिगों से संबंधित मामलों में शीघ्र एवं संवेदनशील कार्यवाही हेतु लगातार दिए जा रहे निर्देशों के तहत पुलिस द्वारा अपहृत नाबालिग बालिका की सरगर्मी से तलाश की गई और इस हेतु अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई जिससे संकलित सूचनाओं के आधार पर सभी संभावित जगहों पर बालिका को खोजने के सघन प्रयास किए गए । जिसके क्रम में गत् दिनांक 06 अप्रैल 2026 को बालिका के संबंध में पुलिस को जानकारी मिलने पर केंट थाना पुलिस द्वारा तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया एवं विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बाल कल्याण समिति अध्यक्षा श्रीमति डॉ. नीरू शर्मा एवं समिति सदस्यों के द्वारा आवश्यक कार्यवाही पूरी कर बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है ।
केंट थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक अरुंधति राजावत, सउनि बालकृष्ण दिवाकर, आरक्षक विकास राजपूत एवं महिला आरक्षक तेजस्विता जादौन की सराहनीय भूमिका रही है ।
