Type Here to Get Search Results !

गुनिया नदी के पुनर्जीवन को लेकर प्रशासन सख्त, नदी में कचरा फेंकने वालों के विरूद्ध की जायेगी 500 रुपये जुर्माना कार्यवाही, बैठक में व्यापक सुधार योजना तैयार

 गुनिया नदी के पुनर्जीवन को लेकर प्रशासन सख्त, नदी में कचरा फेंकने वालों के विरूद्ध की जायेगी 500 रुपये जुर्माना कार्यवाही, बैठक में व्यापक सुधार योजना तैयार



गुना 


जिले में नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में “पुनर्जीवन की सार्थक पहल” थीम के अंतर्गत गुनिया नदी के बुनियादी सुधार एवं पुनर्जीवन कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन, एसडीएम श्रीमती शिवानी पांडे, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सुश्री मंजुषा खत्री सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।


बैठक के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि नदी क्षेत्र में जमा सूखा कचरा हटाया जाए तथा नियमित रूप से सफाई अभियान जारी रखा जाए। उपस्थित लोगों के सुझाव पर कचरे के निस्तारण हेतु केंट गौशाला के पीछे निर्धारित स्थान का उपयोग करने की बात कही गई। साथ ही स्पष्ट किया गया कि एचएफएल (हाई फ्लड लेवल) क्षेत्र में किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।


कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि कचरा किस स्रोत से नदी में पहुंच रहा है, इसकी पहचान कर उसे रोकना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए जनसहभागिता को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति कचरा फेंकने वालों की सूचना देगा, उसे प्रोत्साहन/पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। वहीं कचरा डालते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों पर न्यूनतम 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।


बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा नदी क्षेत्र में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का सुझाव दिया गया। इस पर कलेक्टर ने कहा कि चूंकि अधिकांश लोग सुबह एवं रात्रि के समय कचरा डालते हैं, अतः निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ-साथ जनसूचना तंत्र को भी सशक्त किया जाए।


तकनीकी टीम द्वारा तैयार की गई डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) की जानकारी भी बैठक में प्रस्तुत की गई। कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि परियोजना की एक स्पष्ट एवं व्यवहारिक रूपरेखा तैयार की जाए, ताकि “नमामि गंगे” परियोजना से जुड़ी टीम को प्रस्ताव भेजे जाने पर वे कम समय में इसे और बेहतर ढंग से विकसित कर सकें। साथ ही उन्होंने कहा कि संपूर्ण योजना का मैप आधारित डिजाइन तैयार किया जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि किस स्थान पर कौन-सा कार्य किया जाना है।


अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन द्वारा बैठक में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए परियोजना से संबंधित अतिरिक्त जानकारी साझा की गई।


कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुनिया नदी के पुनर्जीवन कार्यों को प्रशासन द्वारा प्राथमिकता के साथ निरंतर गति दी जा रही है, किन्तु इस कार्य की सफलता जनप्रतिनिधियों एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी पर भी निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण केवल प्रशासनिक पहल तक सीमित नहीं रह सकता, इसके लिए जनप्रतिनिधियों को भी अग्रिम पंक्ति में आकर जिम्मेदारी निभानी होगी तथा क्षेत्र में जागरूकता एवं सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी।


साथ ही कलेक्टर श्री कन्याल ने आम नागरिकों से अपील की कि वे स्वेच्छा से आगे आकर नदी को स्वच्छ एवं संरक्षित रखने में सहयोग करें, कचरा निस्तारण के नियमों का पालन करें तथा ऐसे प्रयासों को जनआंदोलन का रूप दें, ताकि जिले में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन को सुदृढ़ किया जा सके।

Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.