मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आष्टा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाड़ली बहनों के खाते में 1,836 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की अंतरित
गुना जिले की 02 लाख 26 हजार 632 लाड़ली बहनें हुई लाभान्वित
नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का किया जा रहा है आयोजन
गुना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में सहभागिता कर लाड़ली बहना योजना अंतर्गत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में ₹1,836 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करोड़ों की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन कर क्षेत्रवासियों को सौगातें दीं, साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ भी वितरित किए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री अब्दुल गफ्फार ने बताया आज आयोजित कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जिला कलेक्ट्रेट के महिला एवं बाल विकास विभाग में दिखाया गया। इस दौरान गुना जिले में 2 लाख 26 हजार 632 लाड़ली बहनाओं को 32 करोड़ 93 लाख 81 हजार 600 राशि उनके डीबीटी लिंक खाते में प्रदाय की गई। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री गफ्फार द्वारा नारी शक्ति वंदन के अधिनियम, उददेश्य, महिला आरक्षण, कानून, आदि के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का किया जा रहा है आयोजन
जिले में ‘‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’’ का आयोजन 10 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक किया जा रहा है। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा इस अभियान के तहत व्यापक स्तर पर गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री अब्दुल गफ्फार ने बताया जिले के 1426 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ‘लाड़ली बहना योजना’ की हितग्राही महिलाओं की गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में कुल 17,135 लाड़ली बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। गोष्ठियों के माध्यम से महिलाओं को नारी शक्ति वंदन अधिनियम एवं इसके उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नारी सशक्तिकरण से संबंधित दीवार लेखन भी किया गया, जिससे समाज में जागरूकता का संदेश प्रसारित हो सके। इसके साथ ही, 13 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लाइव प्रसारण को ग्राम पंचायत स्तर पर सामूहिक रूप से देखने के लिए महिलाओं को पारंपरिक रूप से ‘पीले चावल’ देकर आमंत्रित किया गया, जिससे अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
