कलेक्टर श्री कन्याल की पहल मोबाइल कोर्ट बन रहा है जमीनी विवाद के निराकरण का सबसे सशक्त माध्यम
गुना
तहसील गुना (ग्रामीण) अंतर्गत ग्राम कोलुआ मार में लंबे समय से चल रहा भूमि सीमांकन और कब्जे का विवाद आखिरकार प्रशासन की पहल से सुलझ गया। दो कृषकों भुजवल सिंह और हरप्रसाद धाकड़ के बीच सीमांकन के बाद भी कब्जा सौंपने को लेकर स्थिति लगातार विवादपूर्ण बनी हुई थी।
यह प्रकरण तहसीलदार न्यायालय तक पहुंचा, जहां धारा 250 के तहत कब्जा दिलाने का आदेश पारित किया गया। इसके बावजूद अनावेदक हरप्रसाद धाकड़ द्वारा कब्जा नहीं सौंपा गया और उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के समक्ष अपील दायर कर दी, जिससे प्रकरण लंबित हो गया।
न्याय की आस में कृषक भुजवल सिंह ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से गुहार लगाई। कलेक्टर द्वारा इस मामले को प्राथमिकता देते हुए मोबाइल कोर्ट में शामिल किया गया। नव पदस्थ तहसीलदार श्री सुनील वर्मा ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।
आज तहसीलदार श्री सुनील वर्मा, राजस्व निरीक्षक श्री शत्रुघ्न रघुवंशी, हल्का पटवारी सुश्री राखी राजपूत, अन्य पटवारी एवं कोटवार की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पुनः सीमाओं का भौतिक सत्यापन कर सटीक मिलान किया और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आवेदक भुजवल सिंह को उनकी भूमि का कब्जा दिलाया।
इस दौरान अनावेदक हरप्रसाद धाकड़ ने भी प्रशासन की कार्यवाही पर सहमति जताई, जिससे विवाद का शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सका। कब्जा मिलने के तुरंत बाद भुजवल सिंह ने ट्रैक्टर और मशीन के माध्यम से अपनी भूमि की जुताई कर सीमांकन को स्पष्ट रूप से स्थापित किया।
कब्जा मिलने पर भुजवल सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन और कलेक्टर का आभार जताया। यह उदाहरण दर्शाता है कि प्रशासन की संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय और जमीनी स्तर पर कार्रवाई से वर्षों पुराने विवाद भी आसानी से सुलझाए जा सकते हैं।
