*पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में जिले जुआरियों-सटोरियों पर गुना पुलिस की लगातार कार्यवाही*
बमोरी थाना पुलिस ने क्रिकेट मैचों पर ऑनलाईन सट्टे के बड़े संगठित गिरोह के दो सदस्य और किए गिरफ्तार
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा जिले में जुआ, सट्टा, अवैध नशीले पदार्थ सहित सभी प्रकार की अवैध एवं अनैतिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं । निर्देशों के पालन में गुना पुलिस द्वारा जिले में विभिन्न अवैध अथवा अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त माफियाओं, कारोबारियों, तस्करों आदि पर निरंतर प्रभावी एवं सख्त कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुना श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी गुना श्री विवेक अष्ठाना के पर्यवेक्षण में बमोरी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया और उनकी टीम द्वारा क्रिकेट मैचों पर ऑनलाईन सट्टा संचालित करने वाले एक बड़े और संगठित गिरोह के दो सदस्य और गिरफ्तार किए गए हैं ।
उल्लेखनीय है कि गत दिनांक 03 अप्रैल 2026 की रात्रि में दो व्यक्तियों के द्वारा बागेरी रोड पेट्रोलपंप के पास ऑनलाईन सट्टा खिलाने की सूचना पर बमौरी थाना पुलिस द्वारा त्वरित व प्रभावी कार्यवाही करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर, इस गिरोह में शामिल अन्य 09 लोगों के विरुद्ध बमौरी थाने में अप.क्र. 68/26 धारा 4(a) सट्टा अधिनियम एवं 112(1) बीएनएस के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई थी ।
बमोरी थाना पुलिस द्वारा प्रकरण में फरार अन्य आरोपियों की निरंतर तलाश की जा रही थी । इस हेतु पुलिस द्वारा अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर जिनकी तलाश में सघन दबिशें दी गई । जिसके परिणाम स्वरुप आज दिनांक 05 अप्रैल 2026 को मुखबिर से प्राप्त सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए बमोरी थाना पुलिस द्वारा प्रकरण में फरार अन्य दो आरोपियों मनीष पुत्र लक्ष्मण किरार उम्र 21 साल निवासी ग्राम बिदाखेडी थाना बमोरी जिला गुना एवं साकिर पुत्र दूल्हा शाह उम्र 40 साल निवासी बमोरी जिला गुना को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है ।
सट्टे के विरुद्ध इस कार्यवाही में बमोरी थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप राजौरिया, उपनिरीक्षक बुन्देल सुनेरिया, सउनि मोकम सिंह भिलाला, प्रधान आरक्षक बालस्वरुप धाकड, आरक्षक रवि गुर्जर, आरक्षक संजय जाट, आरक्षक महेन्द्र पटेलिया, आरक्षक दामोदर आदिवासी, आरक्षक परमाल अजनार, आरक्षक की सराहनीय भूमिका रही है ।
