दिव्यांगजन जागरूकता एवं समावेशी अभियान योजना कार्यशाला का समापन
गुना
तीन दिवसीय दिव्यांगजन जागरूकता एवं समावेशी अभियान योजना कार्यशाला का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। समापन सत्र में प्रतिभागियों द्वारा कार्यशाला के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं अनुभवों का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस अवसर पर पीपीटी के माध्यम से कार्यशाला में सिखाए गए विभिन्न विषयों को साझा किया गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं का आकलन, परिणाम आधारित प्रबंधन (रिजल्ट बेस्ड मैनेजमेंट) के माध्यम से योजनाओं का निर्माण, आपदा प्रबंधन में दिव्यांगजन आधारित गतिविधियों का चिन्हांकन तथा समावेशी विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि सभी प्रतिभागी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा महिला एवं बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस गतिविधियां संचालित की जाएं तथा उन्हें विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी देकर जागरूक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह कार्य सामूहिक प्रयासों से ही सफल हो सकेगा और इसकी वैज्ञानिक तरीके से नियमित मॉनिटरिंग किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर नीति आयोग के सीनियर कंसल्टेंट श्री समीर घोष ने कहा कि गुना जिला जहां इस पहल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जिले को दिव्यांगजन अनुकूल (डिसेबल-फ्रेंडली) बनाना है, ताकि सभी दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और वे समाज में समान अवसरों के साथ सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।
कार्यशाला में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
