ग्रामीण अंचल में सड़क सुरक्षा जागरूकता हेतु यातायात पुलिस की विशेष पहल
*ग्राम खजूरी कला में “यातायात चौपाल” लगाकर ग्रामीणों को हेलमेट एवं सड़क सुरक्षा नियमों के पालन का दिलाया संकल्प*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन तथा डीएसपी यातायात श्री मुकेश कुमार दीक्षित के पर्यवेक्षण में यातायात पुलिस द्वारा जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं ।
इसी क्रम में आज यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक अजयप्रताप सिंह द्वारा अपने यातायात अमले के साथ ग्राम खजूरी कला में विशेष “यातायात चौपाल” का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना एवं आमजन को यातायात नियमों के पालन हेतु प्रेरित करना रहा ।
चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, युवा एवं वाहन चालक उपस्थित रहे, जिन्हें सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई । यातायात थाना प्रभारी द्वारा ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया गया कि वर्तमान समय में सड़क दुर्घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जिनका प्रमुख कारण यातायात नियमों की अनदेखी एवं वाहन चलाते समय बरती जाने वाली लापरवाही है ।
विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के महत्व के बारे में विस्तार से समझाइश देते हुए बताया गया कि “सभी यातायात नियम महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हेलमेट जीवन रक्षा का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है । यदि अन्य नियम भूल भी जाएँ लेकिन हेलमेट लगाना कभी न भूलें । बिना हेलमेट वाहन चलाना सीधे अपने जीवन को खतरे में डालना है, क्योंकि दो पहिया वाहनों की सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश गंभीर मौतें हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं ।” उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण साधन है ।
इसके अतिरिक्त उपस्थित लोगों को चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने, शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशे की स्थिति में वाहन न चलाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने एवं ओवरस्पीडिंग से बचने की समझाइश दी गई । साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करने, ओवरटेक करते समय सावधानी बरतने, रात्रि के समय डिपर का सही उपयोग करने तथा सड़क पर पैदल चलने वाले बुजुर्गों एवं अन्य नागरिकों का विशेष ध्यान रखने हेतु भी प्रेरित किया गया । इसके अलावा नाबालिग बच्चों को वाहन न देने एवं बिना लाइसेंस वाहन संचालन न करने संबंधी आवश्यक जानकारी भी साझा की गई ।
कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता हेतु संचालित शाहन की “राहवीर योजना” की जानकारी देते हुए बताया गया कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिक को सम्मान एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है । साथ ही प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने वाली उपचार सहायता राशि तथा “हिट एंड रन” प्रकरणों में घायल व्यक्ति को 50,000/-रूपये एवं मृतक के परिजनों को 2,00,000/-रूपये तक की आर्थिक सहायता संबंधी प्रावधानों से भी ग्रामीणों को अवगत कराया गया ।
यातायात पुलिस द्वारा उपस्थित ग्रामीणों से अपील की गई कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें तथा अपने परिवार, बच्चों एवं आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और अधिक से अधिक लोगों का जीवन सुरक्षित बनाया जा सके ।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी ग्रामीणजनों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का सदैव पालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की सामूहिक शपथ दिलाई गई । ग्रामीणजनों ने यातायात पुलिस की इस जागरूकतापूर्ण पहल की सराहना करते हुए अभियान में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया ।
