आरोन थानांतर्गत मासूम बच्ची के साथ दुराचार के मामले में पुलिस की सख्त कार्यवाही
*मात्र 24 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के निर्देशन में गुना पुलिस द्वारा जिले में नाबालिगों एवं महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधो को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए इन मामलों में त्वरित, सक्रिय एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रहीं हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी राघौगढ श्रीमती दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में आरोन थाना पुलिस द्वारा थानांतर्गत एक मासूम बच्ची के साथ दुराचार के मामले में तत्परता का परिचय देते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया ।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 04 मई 2026 को महिला द्वारा आरोन थाने में रिपोर्ट करते हुए बताया कि दिनांक 03 मई 2026 को शाम के समय उसकी 07 वर्षीय नातिन ने उसे बताया कि वह अपनी छोटी बहन के साथ घर के बाहर खेल रही थी तभी उन्हें एक व्यक्ति दस रुपये देने का लालच देकर ले गया और कमरे में ले जाकर बडी बच्ची के साथ गलत काम किया गया । उक्त घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल आरोपी के विरुद्ध आरोन थाने में अप.क्र. 117/26 धारा 137(2), 65(1) बीएनएस 3/4, 5एम/6 पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया ।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए । निर्देशों के परिपालन में आरोन थाना पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी हेतु सक्रियता दिखाते हुए जिसकी सरगर्मी से तलाश की गई । आरोपी की तलाश में पुलिस की तत्परता एवं सतर्कता के परिणाम स्वरुप मात्र 24 घंटे के भीतर ही गत दिनांक 05 मई 2026 को आरोपी के संबंध में मुखबिर सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपी हरनाम पुत्र गोदा रजक उम्र 53 साल निवासी ग्राम परासरी थाना आरोन जिला गुना को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया ।
आरोन थाना पुलिस की इस सफल और सराहनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र सिंह सिकरवार, उपनिरीक्षक पंकज कुशवाह, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र गुर्जर, प्रधान आरक्षक करन सिंह, आरक्षक सौरभ यादव, आरक्षक सोनू जाट एवं महिला आरक्षक पूजा यादव व महिला आरक्षक राजकुमारी रघुवंशी का विषेष योगदान रहा है ।
