कलेक्टर-एसपी का सख्त संदेश : लापरवाही पर कार्रवाई, अतिक्रमणकारियों पर होगी एफआईआर
गुना
जिले में कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं जनसुरक्षा को लेकर कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए प्रशासनिक स्तर पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए गए।
बैठक की शुरुआत आगामी बारिश एवं बाढ़ संबंधी तैयारियों की समीक्षा से हुई। इस दौरान जल संसाधन विभाग (डब्लयूआरडी) के कार्यपालन यंत्री के अनुपस्थित पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को जिले के सभी पुल-पुलियों का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
नगरीय निकाय एवं संबंधित विभागों को नाले-नालियों की साफ-सफाई व्यवस्था समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संभावित आपदा स्थिति से निपटने के लिए वालंटियर्स तैयार कर उनकी सूची जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक के दूसरे चरण में अतिक्रमण एवं एन्क्रोचमेंट ड्राइव की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि बारिश से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्राथमिकता के साथ की जाएगी। राजस्व एवं पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से संवेदनशील स्थानों, नदी-नालों एवं यातायात प्रभावित क्षेत्रों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा सके और आम नागरिकों को इसका लाभ मिल सके।
मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई को लेकर भी कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहे। कम से कम तहसीलदार एवं एसडीओपी स्तर के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहें तथा कार्रवाई के बाद उसकी निरंतर मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज की जाए। वहीं हिट एंड रन की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षा मित्र बनाने की पहल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ट्रैफिक टीआई को यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
एनएचएआई को भी निर्देशित किया गया कि आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए जाएं तथा कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। बैठक में साफ संकेत दिए कि जनसुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
