फरार वारंटियों की धरपकड़ हेतु चांचौड़ा थाना पुलिस की तत्पर एवं प्रभावी कार्यवाही
*07 वर्ष पुराने लूट एवं एक्सीडेंट के अलग-अलग प्रकरणों में फरार दो स्थाई वारंटी किए गिरफ्तार*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में विभिन्न प्रकरणों में फरार आरोपियों, इनामी बदमाशों एवं वारंटियों की धरपकड़ हेतु लगातार अभियान चलाकर प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी चांचौड़ा श्री मनोज कुमार झा के पर्यवेक्षण में चांचौड़ा थाना पुलिस द्वारा लंबे समय से फरार चल रहे दो स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में आरोपी प्रदुम्न पुत्र मांगीलाल मीना निवासी ग्राम अरण्या थाना चांचौड़ा के विरुद्ध थाना चांचौड़ा में एक्सीडेंट संबंधी अपराध क्रमांक 42/19 धारा 279, 337 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था । वहीं वर्ष 2019 में ही आरोपी जितेंद्र पुत्र भगवान सिंह बाल्मीक निवासी ग्राम कुदारा थाना चांचौड़ा द्वारा लूट की वारदात को अंजाम दिए जाने पर उसके विरुद्ध थाना चांचौड़ा में अपराध क्रमांक 110/19 धारा 392 भादवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था ।
उपरोक्त दोनों ही प्रकरणों में आरोपी न्यायालयीन कार्यवाही से लगातार फरार चल रहे थे, जिसके चलते माननीय न्यायालय चांचौड़ा द्वारा न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक क्रमशः 697/19 एवं 35/19 में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु अलग-अलग स्थाई वारंट जारी किए गए थे । चाचौडा थाना पुलिस द्वारा दोनों ही वारंटियों की निरंतर तलाश की जा रही थी ।
वारंटियों की तलाश के क्रम में दिनांक 07 मई 2026 को मुखबिर से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर चांचौड़ा थाना पुलिस द्वारा त्वरित एवं योजनाबद्ध कार्यवाही करते हुए दोनों फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर लिया गया । गिरफ्तार आरोपियों में प्रदुम्न पुत्र मांगीलाल मीना उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम अरण्या थाना चांचौड़ा एवं जितेंद्र पुत्र भगवान सिंह बाल्मीक उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम कुदारा थाना चांचौड़ा जिला गुना शामिल हैं । दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।
चांचौड़ा थाना पुलिस की इस कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज राणा के नेतृत्व में बीनागंज चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अजयप्रताप सिंह, सउनि ताराचंद सगर, प्रधान आरक्षक हरिसिंह सेन, आरक्षक सचिन भिलाला एवं आरक्षक राकेश भिलाला की विशेष भूमिका रही है ।
