565 धावकों ने लगाई नशामुक्ति की दौड़, कलेक्टर ने दिलाई शपथ
"नशा मुक्त भारत–विकसित भारत की पहचान" अभियान के तहत मैराथन आयोजित, साइबर अपराध से बचाव का भी दिया संदेश
गुना। अंतर्राष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जिले में "नशा मुक्त भारत–विकसित भारत की पहचान" अभियान के तहत भव्य मैराथन एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला चिकित्सालय से प्रारंभ हुई मैराथन को कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में 565 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें बच्चे, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, विद्यार्थी तथा विभिन्न सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
कलेक्टर श्री कन्याल ने सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की सामूहिक शपथ दिलाते हुए कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार एवं समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया तथा नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए किसी भी ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने "गुना गुलाब गुनिया, नशा से दूर रहेगी सारी दुनिया" का संदेश भी दिया।
मैराथन जिला चिकित्सालय से प्रारंभ होकर निर्धारित मार्ग से होते हुए मन मनोचिकित्सा संस्थान एवं जिला नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र, ग्रीन पार्क कॉलोनी पहुँची। आयोजन मन मेंटल हेल्थ अवेयरनेस एंड नेटवर्किंग समिति (MAN), जिला नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र (DDAC), जिला स्वास्थ्य समिति, JCI गुना पायनियर एवं ओमकार कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्रीमती शिवानी पांडे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री दिनेश चंदेल, डॉ. अनिल विजयवर्गीय, डॉ. प्रदीप सेन तथा श्रीमती संगीता सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समापन समारोह मन समिति परिसर में आयोजित हुआ, जिसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अमिताभ मिश्र ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल कानून से नहीं, बल्कि जागरूकता, संस्कार एवं जनभागीदारी से संभव है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में मैराथन के विजेताओं को पुरस्कार, मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 60 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठ महिला प्रतिभागियों डॉ. आराधना विजयवर्गीय, श्रीमती आशा मित्तल, श्रीमती सरोज मित्तल एवं श्रीमती छाया बालके रहीं, जिन्होंने पूरे उत्साह के साथ मैराथन पूर्ण कर स्वस्थ जीवनशैली एवं नशामुक्त समाज का प्रेरक संदेश दिया।
संपूर्ण आयोजन के माध्यम से "नशा नहीं, स्वास्थ्य चुनें", "Say No to Drugs, Say Yes to Life" तथा "नशा मुक्त भारत–विकसित भारत की पहचान" का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया।
