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आपदा के गोल्डन ऑवर में आपकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : कलेक्टर

 आपदा के गोल्डन ऑवर में आपकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : कलेक्टर


युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण शुरू, 650 स्वयंसेवकों को तैयार करने का लक्ष्य



गुना 


      आपदा के समय घटना के बाद का पहला घंटा यानी "गोल्डन ऑवर" सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान प्रशिक्षित और जागरूक लोग सक्रियता से कार्य करें तो बड़ी से बड़ी दुर्घटना के प्रभाव को कम किया जा सकता है। यह बात कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने पीजी कॉलेज में आयोजित युवा आपदा मित्र योजना अंतर्गत स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कही। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।


      कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि जब हम आपदा की बात करते हैं तो हमारे मन में बड़ी घटनाओं की तस्वीर उभरती है, लेकिन यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि ऐसे समय में आगे आने वाले लोगों की संख्या बढ़े। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा कि वे स्वयं आपदा प्रबंधन की जानकारी प्राप्त करें और कम से कम 10 अन्य लोगों को भी इसके बारे में प्रशिक्षित करें। उन्होंने घर-परिवार के सदस्यों को भी आपदा प्रबंधन के मूलभूत उपाय सिखाने का आग्रह किया। कलेक्टर ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया सवालों से शुरू होती है, इसलिए प्रशिक्षण के दौरान अधिक से अधिक प्रश्न पूछें और व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करें। इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण प्रक्रिया एवं प्रतिभागियों को प्रदान की जाने वाली आपातकालीन प्रतिक्रिया किट (ईआरके) की भी जानकारी ली।


      पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने कहा कि किसी भी प्रशिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष उसका व्यवहारिक ज्ञान होता है। पढ़ाई आवश्यक है, लेकिन वास्तविक परिस्थितियों में काम आने वाली सीख उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने का आह्वान करते हुए कहा कि इस कौशल के माध्यम से किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है और इससे अधिक मूल्यवान कार्य कोई नहीं हो सकता।


           प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कामण्‍डेंट हॉमगार्ड श्री आरके पाथरोल ने बताया कि युवा आपदा मित्र योजना भारत सरकार की पहल है, जिसका संचालन राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा किया जा रहा है। वर्तमान में मध्यप्रदेश के 11 जिलों में यह योजना संचालित है, जिनमें गुना भी शामिल है। योजना के अंतर्गत जिले में कुल 650 युवा आपदा मित्र तैयार किए जाने हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन कार्यों में उपयोगी इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट (ईआरके) भी प्रदान की जाएगी।  उन्होंने बताया कुल 650 युवा आपदा मित्र बनाए जाने हैं जिसमें एन०सी०सी के 300, एन०वाय०के के 150, एनoएस०एस के150 एवं स्काउट एण्ड गाईड के 50 युवा आपदा मित्रों को प्रशिक्षण दिया जाकर ई०आर०के (इमरजेन्शी रिस्पॉन्स किट) किट प्रदाय किया जाना है। जिसमें से प्रथम चरण में एन०एस०एस के 150 एवं स्काउट एण्ड गाईड के 25 युवा आपदा मित्रों को दिनांक 20 जून 2026 से 26 जून 2026 तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


           उल्लेखनीय है कि गुना जिले में वर्ष 2023 में आपदा मित्र योजना के तहत दो चरणों में कुल 300 स्वयंसेवकों को 12-12 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण देकर इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट प्रदान की गई थी। प्रशिक्षित आपदा मित्र वर्तमान में विभिन्न सामाजिक एवं आपदा संबंधी गतिविधियों में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं

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