भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं के मद्देनज़र कलेक्टर ने किया सिंध एनीकट एवं अमृत 2.0 परियोजना का निरीक्षण
सिंध एनीकट पर 2.5 मीटर गेट लगाने के निर्देश, मौके पर विवाद सुलझाकर तत्काल शुरू कराया पाइपलाइन कार्य
गुना
जिले में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए भविष्य में संभावित पेयजल संकट से निपटने के लिए कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने शुक्रवार को सिंध नदी पर निर्मित एनीकट सहित नगर की प्रमुख जलापूर्ति व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सिंध एनीकट पर ढाई मीटर तक गेट लगाने के निर्देश दिए, ताकि वर्षा कम होने की स्थिति में भी अधिकतम जल का संग्रहण कर गुना शहर की पेयजल आवश्यकता सुरक्षित रखी जा सके। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएं।
एनीकट की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझा, हर तकनीकी पहलू का किया परीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने एनीकट की संपूर्ण कार्यप्रणाली का मौके पर खड़े होकर विस्तार से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से जाना कि वर्तमान में जल का प्रवाह किस प्रकार हो रहा है, गेट लगाए जाने के बाद पानी किस प्रकार रुकेगा, संग्रहण क्षमता कितनी बढ़ेगी तथा भविष्य में इसका शहर की पेयजल व्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने जल संरक्षण की पूरी प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था एवं संचालन प्रणाली की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अमृत 2.0 परियोजना की प्रगति पर जताई गंभीरता, गुणवत्ता और समय-सीमा पर दिया विशेष जोर
कलेक्टर श्री कन्याल ने अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना अंतर्गत निर्माणाधीन इंटेक वेल एवं वाटर ट्रीटमेंट (फिल्टर) प्लांट का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजना के ले-आउट, डिज़ाइन, जल शोधन प्रक्रिया, भंडारण क्षमता तथा शहर तक पानी पहुंचाने की संपूर्ण व्यवस्था का विस्तार से परीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से परियोजना में आ रही संभावित कठिनाइयों की जानकारी ली और स्पष्ट कहा कि यदि कोई बाधा नहीं है तो कार्य को तेज गति से पूर्ण किया जाए। उन्होंने निर्माण एजेंसी को मल्टीपल टीमें लगाकर कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा में परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मौके पर ही सुलझाया पाइपलाइन विवाद, तत्काल शुरू कराया निर्माण कार्य
निरीक्षण के दौरान अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत मावन क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाने के दौरान उत्पन्न स्थानीय विवाद की जानकारी कलेक्टर को दी गई। इस पर उन्होंने मामले को लंबित रखने के बजाय तत्काल मौके पर जाकर दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी और आपसी सहमति से समस्या का समाधान कराया। कलेक्टर की पहल से विवाद का तत्काल निराकरण हुआ। इस त्वरित निर्णय से परियोजना की प्रगति में आ रही बाधा दूर हुई तथा निर्माण कार्य बिना विलंब के तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
दीर्घकालिक जल प्रबंधन के लिए समयबद्ध तैयारियों के निर्देश
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता के संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जिले में वर्षा की स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए जल संरक्षण, संग्रहण क्षमता बढ़ाने तथा जलापूर्ति से जुड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि नागरिकों को भविष्य में किसी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री शैलेश अवस्थी, जल प्रकोष्ठ प्रभारी श्री संचित डिमरी सहित संबंधित अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
