कृषि में नवाचार अपनाकर किसान प्रति एकड़ 5 लाख रुपये से अधिक आय अर्जित करें : कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल
आत्मा गवर्निंग बोर्ड की बैठक में कृषि विज्ञान मेला, किसान संगोष्ठी एवं नई तकनीकों के व्यापक प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश
गुना,
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) अंतर्गत गवर्निंग बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा, प्रगतिशील कृषक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य किसानों को आधुनिक एवं नवाचार आधारित कृषि पद्धतियों से जोड़ते हुए उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि करना है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि किसान कृषि में नवाचार अपनाकर प्रति एकड़ प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक आय अर्जित करें। इसके लिए किसानों को परंपरागत खेती के साथ उद्यानिकी, फूलों, फल एवं उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती को भी अपनाना चाहिए।
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि जिले में गुलाब, थाई पिंक अमरूद तथा मालाबार नीम जैसी लाभकारी फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी के अंतर्गत फूल, सब्जियां, मसाले एवं अन्य उच्च मूल्य वाली फसलें किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं। फसल विविधीकरण अपनाकर किसान एक ही वर्ष में विभिन्न फसलों का उत्पादन लेकर अधिक लाभ अर्जित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि रात्रि चौपालों के माध्यम से किसानों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशासन किसानों के खेतों तक पहुंचकर उनकी सफल कृषि पद्धतियों का अध्ययन कर रहा है, ताकि उन नवाचारों को अन्य किसानों तक भी पहुंचाया जा सके और अधिक से अधिक किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
बैठक के प्रारंभ में उप संचालक कृषि श्री संजीव शर्मा ने सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक के दौरान कलेक्टर श्री कन्याल ने जिले में कृषि विज्ञान मेला, किसान वैज्ञानिक परिचर्चा, किसान संगोष्ठी, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं तकनीकी जानकारी के व्यापक प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न विस्तार गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित प्रगतिशील किसानों ने ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग तकनीक से प्राप्त अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन तकनीकों को अपनाने से उत्पादन और आय में लगभग तीन गुना तक वृद्धि हुई है। इस पर कलेक्टर श्री कन्याल ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कृषि में समय-समय पर नए प्रयोग करना आवश्यक है। नवाचार एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाकर ही खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
