गुना: आरोन सिविल अस्पताल बना वसूली का अड्डा, जन्म प्रमाण पत्र के लिए मांगे जा रहे 500 रुपये*
आरोन
जिला गुना की तहसील आरोन का सिविल अस्पताल सरकारी सेवा की जगह अवैध वसूली का केंद्र बनता जा रहा है। अस्पताल की जन्म-मृत्यु शाखा में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने आए लोगों से खुलेआम पैसे मांगे जाने का मामला सामने आया है। ग्राम सुनगयाई निवासी परमाल सिंह ने 11 जुलाई 2026 को एसडीएम आरोन को आवेदन देकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
परमाल सिंह ने बताया कि उनकी पत्नी ममता बाई की डिलीवरी 20 दिसंबर 2012 को इसी अस्पताल में हुई थी। उस समय हस्तलिखित प्रमाण पत्र दे दिया गया था। डिजिटल प्रमाण पत्र के लिए 10 जुलाई 2026 को सभी कागज जमा करने के बाद उन्हें सीधे अस्पताल के कमरा नंबर 28 में भेजा गया।
आरोप है कि वहीं उनसे "चालान" के नाम पर 500 रुपये मांगे गए। रकम देने के बाद भी 2 दिन बीत जाने पर भी डिजिटल प्रमाण पत्र नहीं दिया गया। पीड़ित का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। अस्पताल में रोजाना इसी तरह आम लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं।
शिकायत में परमाल सिंह ने लिखा कि जन्म-मृत्यु शाखा में तैनात कर्मचारियों द्वारा सरकारी प्रक्रिया को दरकिनार कर प्रमाण पत्र के एवज में हजारों रुपये वसूले जा रहे हैं। गरीब मरीज इलाज के लिए आता है और यहां कागज के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ रही है।
जब इस संबंध में बीएमओ डॉ. अविनाश रघुवंशी से बात की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि आवेदन मिल गया है, जांच चल रही है। उचित कार्रवाई होगी। लेकिन सवाल यह है कि कमरा नंबर 28 में महीनों से चल रहे इस खेल की भनक अस्पताल प्रबंधन को अब तक क्यो नहीं लगी
लोगों का कहना है कि अगर जन्म-मृत्यु जैसे जरूरी दस्तावेज के लिए भी रिश्वत देनी पड़े तो आम आदमी कहां जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ कागजी जांच करता है या अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों पर भी गाज गिरती है।

