स्वास्थ्य एवं पोषण योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर श्री कन्याल के निर्देश—फील्ड विजिट बढ़ाएं, सही एवं समयबद्ध एंट्री से प्रस्तुत करें वास्तविक रिपोर्ट
गुना,
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में सीएमएचओ डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर, कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्री दिनेश चंदेल, सहायक संचालक श्री रिशु कुमार सुमन सहित स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जुलाई माह में कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन एवं पंजीयन, पोषण स्तर में सुधार, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मंगल सहित अन्य गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि शासन की मंशा के अनुरूप अधिकारी नियमित रूप से फील्ड विजिट करें तथा स्थानीय लोगों से चर्चा कर योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी लें। उन्होंने कहा कि फील्ड से प्राप्त फीडबैक का सत्यापन किया जाए। यदि किसी स्तर पर गलत फीडबैक अथवा लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं हितग्राहियों को योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पोषण, टीकाकरण एवं स्वास्थ्य सेवाओं में जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं है, वहां विशेष ध्यान देकर सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देशित करते हुए कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी योजनाओं से संबंधित एंट्री निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से पूर्ण करें तथा प्रत्येक जानकारी का सही एवं सत्यापन योग्य रिकॉर्ड दर्ज करें। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी ही योजनाओं की वास्तविक प्रगति का आधार बनती है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा गलत जानकारी दर्ज न की जाए। सही एवं समयबद्ध एंट्री के आधार पर ही वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत हो सकेगी और उसके अनुरूप आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को फील्ड स्तर पर भी जानकारी का सत्यापन करने तथा रिपोर्ट और जमीनी स्थिति में अंतर पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
