शहर में बढ़ता जा रहा है आवारा कुत्तों का आतंक, हर दिन गायों पर हो रहे जानलेवा हमले
अशोकनगर।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन आवारा कुत्तों के झुंड बेसहारा गायों, बछड़ों और अन्य मवेशियों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर रहे हैं। कई मामलों में घायल गायों की समय पर उपचार न मिलने से मौत भी हो रही है। इस स्थिति ने गौसेवकों और स्थानीय नागरिकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। गौसेवक अभिषेक मोहरी का कहना है कि शहर के कई इलाकों में रात के समय आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते हैं और कमजोर, बीमार या घायल गायों को अपना निशाना बनाते हैं। कई बार गायों के शरीर को बुरी तरह नोच दिया जाता है, जिससे उन्हें असहनीय पीड़ा झेलनी पड़ती है हर दिन 2,4 गायों खाने के मामले आ ही रहे है. ऐसा ही मामला हमारे ग्रुप राष्ट्रीय गौ सेवा परिषद को मिल की नई मंडी के पास रात मे कुत्तो ने गौमाता को खा लिया जिससे उसका पैर और कान और पूछ तक खा गए थे ग्रुप द्वारा मोके पर जाकर उसको कोलुआ रोड दयोदय गौ शाला भिजवाया जहाँ उसका इलाज किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार नगर प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि समय रहते आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित नहीं की गई, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। इससे न केवल गौवंश बल्कि आम नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ सकता है।
गौसेवकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में आवारा कुत्तों के नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए, घायल गौवंश के लिए त्वरित बचाव व्यवस्था बनाई जाए और दोषपूर्ण व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं पर रोक लग सके। इस मौके पर रवि वंशकार, दिव्यांश यादव रिजोदा, रविंद्र झीला, निक्की यादव मौजूद रहे।
गौसेवकों की अपील:
यदि आपको कहीं कोई घायल या बीमार गाय दिखाई दे, तो तुरंत गौसेवकों या संबंधित हेल्पलाइन को सूचना दें, ताकि समय पर उपचार कर उसकी जान बचाई जा सके। गौसेवा केवल एक सेवा नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी भी है।
