प्रतिमा बागरी को उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने किया तलब, 6 जुलाई को दस्तावेजों सहित उपस्थित होने के निर्देश
भोपाल, 30 जून 2026। मध्य प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने मामले की सुनवाई के लिए 6 जुलाई 2026 की तारीख निर्धारित करते हुए राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी तथा शिकायतकर्ता एवं कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार को उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
समिति की ओर से प्रतिमा बागरी को जारी पत्र में उनसे उनके जाति संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
गौरतलब है कि प्रदीप अहिरवार ने अप्रैल 2025 में उच्च स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि प्रतिमा बागरी का जाति प्रमाण पत्र कथित रूप से गलत तरीके से जारी किया गया है। शिकायत में प्रमाण पत्र की वैधता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई थी।
शिकायत पर लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद प्रदीप अहिरवार ने में जनहित याचिका (PIL) दायर की। याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने संबंधित प्राधिकरण को निर्धारित अवधि में मामले के निराकरण के निर्देश दिए थे। निर्धारित समयावधि पूर्ण होने के बावजूद अंतिम निर्णय नहीं हो सका, लेकिन अब उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने 6 जुलाई 2026 को दोनों पक्षों को तलब कर सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है।
शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समिति निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर मंत्री बागरी का जाति प्रमाण-पत्र निरस्त होगा, क्योंकि प्रतिमा बागरी राजपूत समाज से आती है, उनका परिवर्तन अनैतिक तरीके से अनुसूचित जाति वर्ग का लाभ ले रही हैं।
जारीकर्ता
प्रदीप अहिरवार
प्रदेश अध्यक्ष, अनुसूचित जाति विभाग
मध्य प्रदेश कांग्रेस
