बंद पड़ी नारायणपुरा शुगर फैक्ट्री के पुनर्जीवन की कवायद तेज
कलेक्टर ने किया विस्तृत निरीक्षण, एक सप्ताह में मांगी पुनः संचालन की कार्ययोजना
गुना
जिले की बंद पड़ी नारायणपुरा शुगर फैक्ट्री को पुनः संचालित करने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बुधवार को फैक्ट्री का विस्तृत निरीक्षण कर उसकी वर्तमान स्थिति, उपलब्ध संसाधनों एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि फैक्ट्री के पुनः संचालन की सभी संभावनाओं का परीक्षण करते हुए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
कार्यालयीन व्यवस्था से लेकर उत्पादन इकाई तक किया बारीकी से निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सबसे पहले फैक्ट्री के कार्यालय का अवलोकन कर अभिलेखों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने पूर्व में फैक्ट्री में कार्यरत रहे कर्मचारियों से चर्चा कर संचालन व्यवस्था, उत्पादन क्षमता तथा वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने फैक्ट्री परिसर का भ्रमण कर उत्पादन प्रक्रिया, विभिन्न मशीनों तथा पावर हाउस का निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली।
पुनः संचालन के दो विकल्पों पर होगा अध्ययन
कलेक्टर श्री कन्याल ने निरीक्षण के दौरान कहा कि फैक्ट्री को पुनः शुरू करने के लिए दो विकल्पों पर गंभीरता से कार्य किया जा सकता है। पहला, वर्तमान मशीनों एवं उपलब्ध संसाधनों का पुनरुद्धार कर फैक्ट्री का संचालन पुनः प्रारंभ किया जाए। दूसरा, आधुनिक तकनीक के अनुरूप नए सिरे से संयंत्र स्थापित कर संचालन किया जाए। उन्होंने दोनों विकल्पों की तकनीकी एवं आर्थिक व्यवहार्यता का परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
एक सप्ताह में तैयार होगी विस्तृत कार्ययोजना
कलेक्टर ने जिला पंजीयक सहकारी संस्थाएं (डीआरसीएस) को निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभागों के समन्वय से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करें, ताकि फैक्ट्री के पुनर्जीवन की दिशा में आगे की कार्रवाई की जा सके।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे, एसडीएम राघौगढ श्री अमित सोनी, प्रभारी उपायुक्त सहकारिता श्री दिनेश चौरासिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


