उत्कृष्ट कार्य के लिये आईजी अभिषेक शांडिल्य ने महिला कमांडो को किया सम्मानित
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
बालोद - पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में महिला कमांडो की अनूठी पहल से जिले के सात गाँव शत प्रतिशत हेलमेट उपयोग वाले मॉडल गाँव बने। महिला कमांडो ने सात गाँवों को मॉडल हेलमेट ग्राम के रूप में विकसित कर सड़क सुरक्षा की दिशा में नई मिसाल स्थापित की। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिये पुलिस महानिरीक्षक ने महिला कमांडो को शॉल एवं सर्च टॉर्च भेंटकर सम्मानित किया।
पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने तथा आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बालोद पुलिस द्वारा विशेष हेलमेट जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त करते हुये पुलिस महानिरीक्षक ने हेलमेट का नियमित उपयोग , नशे की अवस्था में वाहन ना चलाने तथा तेज रफ्तार से वाहन चलाने से बचने के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिये थे। पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में महिला कमांडो टीम ने जिले के चयनित सात गाँवों में घर-घर सर्वेक्षण कर दोपहिया वाहनों एवं हेलमेट उपयोग की स्थिति का आकलन किया। जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं थे , उन्हें व्यक्तिगत रूप से समझाइश देकर हेलमेट क्रय करने तथा नियमित रूप से उपयोग करने के लिये प्रेरित किया गया। महिला कमांडो ने ग्रामीणों को यह संदेश दिया कि हेलमेट केवल चालान से बचने का माध्यम नहीं , बल्कि सड़क दुर्घटना के दौरान जीवन रक्षा का सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। लगातार जनसंपर्क , संवाद एवं जागरूकता अभियान के परिणामस्वरूप गुंडरदेही विकासखंड के जेवरतला एवं सिद्दी , बालोद विकासखंड के बोरी एवं खैरवाही तथा डौंडी लोहारा विकासखंड के अन्नू टोला , कसही बोरी एवं जामुलवाही सहित कुल सात गाँवों में 73 महिला कमांडो द्वारा 1103 दोपहिया वाहन चालकों के बीच शत-प्रतिशत हेलमेट उपयोग सुनिश्चित किया गया। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ इन सातों गाँवों को "मॉडल हेलमेट ग्राम" के रूप में स्थापित किया गया। इस नवाचारपूर्ण अभियान की रूपरेखा तैयार करने एवं इसे जनसहभागिता से जोड़ने में पद्मश्री शमशाद बेगम , अध्यक्ष महिला कमांडो , सहयोगी जन कल्याण समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं हेलमेट उपयोग को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य एवं पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के साथ विस्तृत विचार-विमर्श कर अपने सुझाव प्रस्तुत किये। उनके मार्गदर्शन एवं महिला कमांडो के समर्पित प्रयासों से यह अभिनव पहल सफलतापूर्वक मूर्त रूप ले सकी और आज सात गाँव मॉडल हेलमेट ग्राम के रूप में स्थापित हुये हैं। महिला कमांडो के इस उत्कृष्ट , जनहितकारी एवं नवाचारपूर्ण कार्य की सराहना करते हुये वार्षिक निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज अभिषेक शांडिल्य ने महिला कमांडो को शॉल एवं सर्च टॉर्च भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुये इस मॉडल को जिले के अन्य ग्रामों एवं शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने के निर्देश दिये। उन्होंने सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता से जुड़े ऐसे जनहितकारी अभियानों को निरंतर जारी रखने पर भी बल दिया। बालोद पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा , हेलमेट के नियमित उपयोग एवं यातायात नियमों के पालन के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से भविष्य में भी इस प्रकार के नवाचारपूर्ण अभियान निरंतर संचालित किये जाते रहेंगे।
