मानव तस्करी की सूचना निडर होकर दें, पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी : कलेक्टर
नशे के विरुद्ध जनभागीदारी जरूरी, मांग खत्म होगी तो आपूर्ति भी रुकेगी : एसपी
गुना
मानव तस्करी के खिलाफ विश्व दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा चांचौड़ा के कम्युनिटी हॉल में संयुक्त रूप से जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने मानव तस्करी, नशा, सड़क सुरक्षा एवं साइबर अपराध के विरुद्ध जनजागरूकता का संदेश देते हुए आमजन से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे, एसडीएम श्री अमित सोनी, जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
मानव तस्करी मानवता के विरुद्ध सबसे जघन्य अपराध : कलेक्टर
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि मानव तस्करी मानवता के विरुद्ध सबसे गंभीर अपराधों में से एक है। यह अत्यंत पीड़ादायक है कि एक व्यक्ति दूसरे कमजोर और असहाय व्यक्ति का शोषण कर उसे अमानवीय परिस्थितियों में जीवन जीने के लिए मजबूर करता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन एवं पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर पहले चरण में 14 तथा दूसरे चरण में 52 लोगों को मुक्त कराया था। मुक्त कराए गए पीड़ितों को "अपना घर आश्रम" भेजकर उनके पुनर्वास की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने बताया कि अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं तथा कई पीड़ित सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
सूचना देने में डरें नहीं, प्रशासन आपके साथ है : कलेक्टर
कलेक्टर ने कहा कि कई बार लोगों को अपने आसपास संदिग्ध गतिविधियों और अपराधियों की जानकारी होती है, लेकिन वे भयवश इसकी सूचना नहीं देते। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मानव तस्करी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन एवं पुलिस को दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस दौरान उपस्थित लोगों ने हाथ उठाकर प्रशासन को विश्वास दिलाया कि भविष्य में ऐसी किसी भी जानकारी को तत्काल साझा करेंगे।
नशे के खिलाफ समाज को आगे आना होगा : एसपी
पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने कहा कि मानव तस्करी और नशा दोनों समाज के लिए गंभीर चुनौतियां हैं। पुलिस लगातार इनके विरुद्ध अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सरपंच, सचिव एवं आमजन के पास महत्वपूर्ण जानकारियां होती हैं। यदि सभी लोग जिम्मेदारी निभाते हुए समय पर सूचना दें तो ऐसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने कहा कि नशे की मांग समाप्त होगी तो उसकी आपूर्ति भी स्वतः बंद हो जाएगी। इसलिए समाज को नशे के प्रति जागरूक होकर इससे दूरी बनानी होगी।
हेलमेट स्वयं और परिवार दोनों की सुरक्षा का माध्यम : कलेक्टर
संवाद के दौरान कलेक्टर ने उपस्थित लोगों से हेलमेट के उपयोग को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में जिले में 600 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की मृत्यु हुई, जिनमें 419 मौतें सिर में गंभीर चोट लगने और हेलमेट नहीं पहनने के कारण हुईं। उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल नियम का पालन नहीं, बल्कि स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा का सबसे सरल उपाय है।
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत : कलेक्टर
कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत भारत सरकार की साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं तथा संबंधित बैंक को तत्काल सूचना देकर खाते को फ्रीज कराने की कार्रवाई करें, जिससे आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
सभी ने ली नशामुक्ति की शपथ
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन ने एकजुट होकर नशामुक्ति की शपथ ली। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, समाज और आसपास के लोगों को भी नशे के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
