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एमएसएमई विभाग की तेजस कार्यशाला में युवाओं को मिला स्टार्टअप एवं स्वरोजगार का मार्गदर्शन

 एमएसएमई विभाग की तेजस कार्यशाला में युवाओं को मिला स्टार्टअप एवं स्वरोजगार का मार्गदर्शन

समय पर नहीं, समय से पहले कार्य पूर्ण करना ही उत्कृष्ट प्रशासन की पहचान : कलेक्टर


गुना 

जिले में युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से एमएसएमई विभाग द्वारा आयोजित 'तेजस कार्यशाला' में कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि जिला प्रशासन केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे नवाचार मॉडल विकसित कर रहा है, जिनसे युवा अपने जिले में रहकर ही बेहतर आय अर्जित कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य भविष्य की संभावनाओं को वर्तमान में साकार करना है। इसी सोच के तहत कृषि एवं उद्यमिता के ऐसे मॉडल तैयार किए गए हैं, जिनसे कृषक एवं शिक्षित युवा लाखों रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण केवल समय पर कार्य करना नहीं है, बल्कि समय से पहले कार्य पूर्ण करना उत्कृष्ट कार्यसंस्कृति का प्रतीक है।


स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित हुई कार्यशाला

एमएसएमई विभाग द्वारा आयोजित तेजस कार्यशाला का उद्देश्य उभरते उद्यमियों, एंजेल इनवेस्टर्स, इनोवेटर्स एवं स्टार्टअप से जुड़े युवाओं की क्षमता का विकास कर जिला स्तर पर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को स्टार्टअप की परिभाषा, पात्रता अवधि, वार्षिक टर्नओवर, नवाचार एवं विकास, नई इकाइयों की स्थापना, वित्तीय एवं परिचालन सहायता, ब्रांडिंग, इवेंट ऑर्गेनाइजिंग तथा निर्माण आधारित स्टार्टअप जैसे विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई।

रोजगार के लिए विकसित किए गए सफल मॉडल

कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि युवाओं के रोजगार को लेकर जिला प्रशासन लगातार नवाचार कर रहा है। उन्होंने बताया कि गुलाब की खेती के मॉडल से कृषक प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। इसी प्रकार थाई अमरूद उत्पादन के मॉडल से लगभग 8 लाख रुपये तथा सब्जी उत्पादन मॉडल से 4 से 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि इन मॉडलों की विशेषता यह है कि शिक्षित युवा भी इन्हें अपनाकर बाहर नौकरी करने के बजाय अपने गांव एवं जिले में रहकर सम्मानजनक आय अर्जित कर रहे हैं।

विजन-2047 से आगे की सोच पर काम कर रहा प्रशासन

कलेक्टर श्री कन्याल ने विजन-2047 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य वर्ष 2047 तक वर्तमान आय को आठ गुना करना है, लेकिन जिला प्रशासन इससे भी आगे की सोच के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे मॉडल विकसित कर रहा है, जिनसे भविष्य में मिलने वाली आय की संभावनाओं को आज ही साकार किया जा सके और युवाओं को शीघ्र आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

कार्यक्रम में अंत में हितग्राहियों को हितलाभ कलेक्‍टर श्री कन्‍याल ने वितरित किये। कार्यक्रम में नगरपालिका उपाध्‍यक्ष श्री धरम सोनी सहित अन्‍य जनप्रतिनिधिगण एवं महाप्रबंक उद्योग विभाग श्री अमित शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। 

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