अच्छा कार्य करने वाली समितियों को मिलेगा प्रोत्साहन, लापरवाही पर होगी कार्रवाई; उचित मूल्य दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश : कलेक्टर
कलेक्टर ने ली सहकारिता एवं खाद्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक, पात्र हितग्राहियों तक समय पर राशन पहुंचाने के दिए निर्देश
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में सहकारिता एवं खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता, खाद्य तथा नापतोल विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिन सहकारी समितियों का कार्य उत्कृष्ट है उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, जबकि लापरवाही एवं खराब प्रदर्शन करने वाली समितियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने उचित मूल्य दुकानों के नियमित संचालन की प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा पात्र हितग्राहियों तक समय पर खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
सहकारी समितियों के प्रदर्शन की होगी नियमित समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले की सहकारी समितियों का प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन किया जाए। उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को प्रोत्साहित किया जाए तथा अपेक्षित कार्य नहीं करने वाली समितियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं ई-केवाईसी की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रगति, पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण तथा ब्लॉकवार ई-केवाईसी की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मई एवं जून 2026 का निःशुल्क राशन वितरण किया जा चुका है। साथ ही खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने जानकारी दी कि मई 2026 की ग्रेडिंग में गुना जिले को 'ए' ग्रेड के साथ समूह में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
नापतोल विभाग की कार्रवाई में बढ़ी सक्रियता
बैठक में नापतोल विभाग ने बताया कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच जिले में 3,283 दुकानों एवं संस्थानों का निरीक्षण किया गया। अनियमितताएं पाए जाने पर लगभग 150 प्रकरण दर्ज किए गए। जांच के दायरे में किराना दुकानें, दूध डेरी, मिठाई दुकानें, कबाड़ एवं लोहा व्यापारी, हार्डवेयर दुकानें, आटा चक्की, मसाला व्यापारी, कृषि सेवा केंद्र तथा गल्ला व्यापारी शामिल रहे। यह कार्रवाई विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत की गई। विभाग ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
