समय सीमा बैठक में कलेक्टर ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, बरसात से पहले गौशालाओं और शासकीय भवनों की सुरक्षा के निर्देश
वीसी में कैमरा ऑन रखें, बैठक के दौरान मोबाइल का उपयोग न करें : कलेक्टर
गुना
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में कलेक्टर ने जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रत्येक विभाग का डैशबोर्ड तैयार करने, समीक्षा बैठकों की नई प्रस्तुतीकरण व्यवस्था लागू करने, बरसात के मद्देनजर गौशालाओं एवं शासकीय भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे, अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बरसात को लेकर सतर्कता, गौशालाओं और भवनों की सुरक्षा के निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि वर्षा ऋतु को देखते हुए गौशालाओं में मवेशियों के सुरक्षित रहने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। साथ ही सभी शासकीय भवनों एवं विद्यालयों की छतों पर जमा कचरा, पेड़-पौधों और अन्य अवरोधों की नियमित साफ-सफाई कराई जाए, जिससे वर्षा जल का उचित निकास हो और भवन सुरक्षित रहें।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी को कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं ज्ञानवर्धन के लिए प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान पांच मिनट किसी एक विषय पर जानकारी दी जाए। साथ ही सभी विद्यार्थियों तक आवश्यक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी पहुंचाई जाए। उन्होंने शिक्षकों की समय पर उपस्थिति, साइकिल एवं पाठ्यपुस्तकों के व्यवस्थित वितरण पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों का होगा सम्मान
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ अधीनस्थ कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करें। उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाए, जिससे उनका उत्साह और कार्यक्षमता बढ़े। बैठक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया।
बैठकों में अनुशासन और नई समीक्षा व्यवस्था लागू
कलेक्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से होने वाली समीक्षा बैठकों में सभी अधिकारियों को कैमरा ऑन रखकर व्यवस्थित रूप से शामिल होने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर भी सख्ती बरतते हुए कहा कि विशेष आवश्यकता होने पर ही बैठक कक्ष से बाहर जाकर फोन का उपयोग करें। सभी अधिकारी चर्चा के महत्वपूर्ण बिंदुओं को नोट करें और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी शासकीय कार्यक्रम निर्धारित एसओपी के अनुसार ही आयोजित किए जाएं।
हर विभाग तैयार करेगा डैशबोर्ड, पीपीटी में दिखेगी पिछली प्रगति
बैठक में प्रत्येक विभाग को अपना कार्य आधारित डैशबोर्ड तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे लंबित एवं प्रगतिरत कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके। कलेक्टर ने समीक्षा बैठकों के लिए नई व्यवस्था लागू करते हुए निर्देश दिए कि पीपीटी प्रस्तुतिकरण में वर्तमान एजेंडा के साथ पिछले बैठक में दिए गए निर्देशों एवं उनकी प्रगति का अलग कॉलम अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि कार्यों की वास्तविक प्रगति का आकलन हो सके।
वन विभाग, राजस्व अधिकारियों और सीएम हेल्पलाइन पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने वन विभाग को लंबित प्रकरणों का समन्वय के साथ शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। राजस्व अधिकारियों को नियमित फील्ड भ्रमण, पटवारियों की उपस्थिति तथा राजस्व कार्यों की सतत समीक्षा करने को कहा। जनसुनवाई एवं सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जनसुनवाई के प्रकरणों की साप्ताहिक रिपोर्ट तैयार की जाए, जिसमें प्राप्त आवेदन, निराकृत प्रकरण, लंबित मामलों के कारण तथा निरस्त प्रकरणों का स्पष्ट उल्लेख हो। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में बिना स्पष्ट प्रविष्टि के कोई कॉलम खाली न छोड़ा जाए। साथ ही सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर उन्हें न्यूनतम स्तर पर बनाए रखा जाए।
उपलब्ध संसाधनों से बेहतर परिणाम देने की सीख
बैठक के अंत में कलेक्टर श्री कन्याल ने कहा कि बेहतर कार्य के लिए किसी आदर्श समय की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। उपलब्ध संसाधनों और वर्तमान परिस्थितियों में ही प्रभावी एवं परिणाममुखी कार्य करना एक सक्षम अधिकारी की पहचान है।
