Type Here to Get Search Results !

शराबी ड्राईवर को कोर्ट ने दी अनोखी सजा

 शराबी ड्राईवर को कोर्ट ने दी अनोखी सजा


रोज तीन घंटे की सफाई और सड़क पर जागरूकता



अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट 


जांजगीर चाम्पा - शराब पीकर वाहन चलाने के मामले में जांजगीर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने एक अनोखा और समाजोपयोगी फैसला सुनाते हुये आरोपी वाहन चालक पर पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही तीस दिनों तक प्रतिदिन तीन घंटे सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है। इस दौरान उसे कोतवाली थाना जांजगीर में साफ-सफाई करनी होगी और शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर लोगों को शराब पीकर वाहन नहीं चलाने के लिये जागरूक भी करना होगा।

                                                पुलिस मीडिया समूह से इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार यातायात पुलिस ने पाण्डेय नगर निवासी स्वदेश यादव (38 वर्ष) को शराब के नशें में वाहन चलाते हुये पकड़ा था। वाहन जब्त कर उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्यवाही करते हुये मामला न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि स्वदेश यादव इससे पहले भी दो बार शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ा जा चुका है। दोनों मामलों में उस पर दस - दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था , इसके बावजूद उसने दोबारा वही गलती दोहराई। इसे गंभीरता से लेते हुये न्यायालय ने इस बार उसे आर्थिक दण्ड के साथ सामुदायिक सेवा की सजा भी सुनाई। कोर्ट के आदेश के अनुसार 22 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली तीस दिन की अवधि में आरोपी को प्रतिदिन तीन घंटे कोतवाली थाना जांजगीर में साफ-सफाई करनी होगी। साथ ही जिले के प्रमुख चौक-चौराहों पर लोगों को शराब का सेवन ना करने और शराब पीकर वाहन नहीं चलाने के लिये जागरूक भी करना होगा।‌जांजगीर न्यायालय का यह फैसला उन वाहन चालकों के लिये भी बड़ा संदेश है , जो शराब के नशे में सड़क पर निकलकर खुद और दूसरों की जिंदगी खतरे में डालते हैं। अब शराब पीकर वाहन चलाने की गलती का परिणाम सिर्फ जेब पर नहीं , बल्कि समाज के सामने जिम्मेदारी निभाने के रूप में भी भुगतना पड़ सकता है।‌ न्यायालय के इस फैसले को सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अक्सर शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण दुर्घटनायें होती जिनमें चालक के साथ-साथ निर्दोष लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है। ऐसे मामलों में सिर्फ चालान और जुर्माना कई बार प्रभावी साबित नहीं होता। इसी को देखते हुये न्यायालय ने सामुदायिक सेवा के माध्यम से आरोपी को अपनी गलती का सामाजिक एहसास कराने की पहल की है। यह फैसला सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ बार-बार नियम तोड़ने वालों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। बताते चलें कि पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में जांजगीर चांपा पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यातायात पुलिस द्वारा नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों , विशेषकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.