डिजिटल रिकॉर्ड रूम मैनेजमेंट सिस्टम का उद्घाटन एवं ‘प्रयास’ हैंडबुक का विमोचन
गुना
जिला एवं सत्र न्यायालय, गुना में शनिवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री जी.एस. अहलुवालिया एवं पोर्टफोलियो न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्रीमती अनुराधा शुक्ला की उपस्थिति में डिजिटल रिकॉर्ड रूम मैनेजमेंट सिस्टम (डीआरएमएस) का उद्घाटन तथा ‘प्रयास’ हैंडबुक का विमोचन किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश श्री अमिताभ मिश्र, कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल, पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री भूपनारायण सिंह सोलंकी, सचिव श्री श्यामसुंदर लिटोरिया सहित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
इस अवसर पर डिजिटल रिकॉर्ड रूम मैनेजमेंट सिस्टम की जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से न्यायालय के रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण किया जाएगा तथा रिकॉर्ड संबंधी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध हो सकेगी। यह सॉफ्टवेयर जिला न्यायालय की आईटी टीम द्वारा बिना किसी अतिरिक्त बजट एवं बाहरी सहयोग के उपलब्ध संसाधनों से विकसित किया गया है। इसके संचालन की जानकारी सरल हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध कराने के लिए ‘प्रयास’ नामक हैंडबुक भी तैयार की गई है।
न्यायमूर्ति श्री जी.एस. अहलुवालिया ने अपने संबोधन में कहा कि न्याय का उद्देश्य सत्य के अधिकतम निकट पहुंचना है तथा न्यायपालिका में बार और बेंच दोनों की समान भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि न्यायिक कर्मचारी एक्सेल की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस प्रकार के नवाचारों को न्यायिक व्यवस्था के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि गुना में विकसित यह सॉफ्टवेयर भविष्य में प्रदेश के अन्य न्यायालयों तक भी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।।
न्यायमूर्ति श्रीमती अनुराधा शुक्ला ने कहा कि गुना में न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय है तथा यह डिजिटल प्रणाली न्यायिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि डीआरएमएस की तर्ज पर राजस्व विभाग में भी रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जो शीघ्र पूरा होगा। उन्होंने सामाजिक सुधार और मुख्यधारा से वंचित लोगों को जोड़ने के लिए प्रशासन, न्यायपालिका और पुलिस के संयुक्त प्रयासों का भी उल्लेख किया।
पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने समाज में सुधार और अपराध की रोकथाम के लिए विभिन्न समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भूपनारायण सिंह सोलंकी ने डीआरएमएस की उपयोगिता की सराहना करते हुए इसे न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया।
