DAY-NULM व नगरीय प्रशासन का अनुबंध समाप्त होने के बाद भी कार्य व वेतन का मामला।
जिला प्रभारी ने कमिश्नर नगरीय प्रशासन को लिखा पत्र।
डूडा में पदस्थ सचिन मसीह को तत्काल पृथक कर जांच और वसूली की मांग।
सागर,। मध्यप्रदेश जागरूक युवा संगठन के प्रदेश महामंत्री एवं सागर जिला प्रभारी मनोज अग्निहोत्री ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मध्यप्रदेश के आयुक्त को पत्र लिखकर जिला शहरी विकास अभिकरण (DUDA) सागर में पदस्थ सिटी मिशन मैनेजर (संविदा) सचिन मसीह के विरुद्ध उच्च स्तरीय जांच कराने,उन्हें तत्काल शासकीय कार्यों से पृथक करने,नियम विरुद्ध प्राप्त वेतन/मानदेय की वसूली तथा कठोर कार्रवाई की मांग की है।
श्री अग्निहोत्री ने आयुक्त को लिखें पत्र में उल्लेख किया गया है कि दीनदयाल अन्त्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) की अवधि 30 सितम्बर 2024 को समाप्त हो चुकी है। साथ ही, संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के पत्र क्रमांक 8528 दिनांक 15 व 16 .04.2026 के अनुसार सिटी मिशन मैनेजर एवं सामुदायिक संगठकों के अनुबंध भी समाप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, कार्यालय कलेक्टर (शहरी विकास), जिला सागर के आदेश क्रमांक 554/2026 दिनांक 06.05.2026 द्वारा सचिन मसीह को प्रशासनिक कार्यों के अतिरिक्त प्रभार से भारमुक्त भी किया जा चुका है।इसके बावजूद सचिन मसीह द्वारा जिला शहरी विकास अभिकरण सागर एवं कार्यालय कलेक्टर (शहरी विकास) में शासकीय कार्य किए जा रहे हैं तथा शासकीय निधि से वेतन/मानदेय एवं अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त किए जा रहे हैं, जो शासन के आदेशों एवं वित्तीय नियमों के विपरीत प्रतीत होता है। मनोज अग्निहोत्री ने मांग की है कि 30 सितम्बर 2024 से वर्तमान तक श्री सचिन मसीह को दिए गए वेतन, मानदेय एवं अन्य वित्तीय लाभों की विस्तृत जांच कराई जाए तथा नियम विरुद्ध प्राप्त किये गये वेतन भुगतान की संपूर्ण राशि की शासकीय मद में वसूली सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि अनुबंध समाप्त होने एवं भारमुक्त किए जाने के बाद किस अधिकारी के आदेश अथवा अनुमति से उनसे शासकीय कार्य कराया गया। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों की भूमिका निर्धारित की जाए तथा उनके विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, मध्यप्रदेश वित्तीय संहिता एवं अन्य प्रचलित सेवा नियमों के अंतर्गत अनुशासनात्मक एवं दण्डात्मक कार्रवाई की जाए साथ ही जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सचिन मसीह को तत्काल संबंधित शासकीय कार्यों से पृथक करने के निर्देश जारी किए जाएं। पत्र में मनोज अग्निहोत्री ने कहा कि शासन के आदेशों,वित्तीय अनुशासन, प्रशासनिक पारदर्शिता एवं लोकधन की सुरक्षा के हित में इस गंभीर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाना जनहित में आवश्यक है।

