*फरार वारंटियों की धरपकड़ हेतु गुना पुलिस का सतत अभियान*
बजरंगगढ़ थाना पुलिस ने मारपीट के एक प्रकरण में करीब 04 बर्ष से फरार स्थायी वारंटी किया गिरफ्तार
*राजस्थान में रह रहा था वारंटी, अपने गांव आते ही घेराबंदी कर दबोचा*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में फरार आरोपियों एवं माननीय न्यायालयों से जारी वारंटों में फरार वारंटियों की धरपकड़ हेतु विशेष अभियान चलाकर लगातार प्रभावी एवं त्वरित कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन एवं प्रभारी सीएसपी गुना श्री आनंद राय के पर्यवेक्षण में बजरंगगढ़ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार और उनकी टीम द्वारा मारपीट के एक प्रकरण में करीब 04 साल से फरार चल रहे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है ।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में आरोपी धनपाल सहरिया निवासी ग्राम गढ़ला गिर्द के द्वारा मारपीट की एक घटना को लेकर उसके विरूद्ध बजरंगगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 123/21, धारा 294, 323, 427, 596 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध हुआ था । उक्त प्रकरण में आरोपी धनपाल सहरिया न्यायालयीन कार्यवाही से लगातार फरार चल रहा था । आरोपी की लगातार अनुपस्थिति के चलते माननीय न्यायालय द्वारा न्यायालयीन प्रकरण क्रमांक 743/22 में उसके विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया गया था ।
बजरंगगढ़ थाना पुलिस द्वारा वारंटी धनपाल सहरिया की लगातार तलाश की जा रही थी । आरोपी अपने गांव से दूर राजस्थान में कहीं जाकर रह रहा था । जिसके रक्षावंधन पर आने गांव आने की मुखबिर से प्राप्त सूचना के अधार पर बजरंगगढ़ थाना पुलिस ने त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए संभावित स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी की गई और प्रकरण में लंबे समय से फरार स्थायी वारंटी धनापल पुत्र मोहन सिंह सहरिया उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम गढ़ला गिर्द थाना बजरंगगढ़ जिला गुना को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया एवं आवश्यक वैधानिक कार्यवाही उपरांत उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है ।
बजरंगगढ़ थाना पुलिस की इस प्रभावी कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार, सउनि भंवर सिंह राजपूत, प्रधान आरक्षक दिलीप कलावत, प्रधान आरक्षक जितेन्द्र शर्मा, आरक्षक सुनील कुशवाह, आरक्षक राजीव सेन एवं आरक्षक अभय सिंह की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही है ।
